चतरा: सावन पूर्णिमा के अवसर पर प्रसिद्ध पर्यटक स्थल महादेव मठ के प्रांगण में वर्ष1980 से करीब 46 वर्षों से निरंतर अखंड हरिकीर्तन का आयोजन पूरी आस्था और भक्ति भाव के साथ किया जा रहा है.साढ़े चार दशक से धार्मिक परंपरा आज क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान बन चुकी है.
समय के साथ इस अनुष्ठान के स्वरूप में व्यापक बदलाव आया है. शुरुआती दौर में जब मंदिर परिसर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव था,स्थानीय व्यवसाय व किसानों द्वारा छोटे स्तर पर सादगी के साथ इस अखंड हरिकीर्तन का आयोजन किया जाता था.परंतु आज की युवा पीढ़ी ने अपनी मेहनत और आधुनिक व्यवस्थाओं के दम पर इसे एक मॉडल और भव्य धार्मिक उत्सव का रूप दे दिया है.
पर्यटन स्थल का दर्जा मिलने से बदला मंदिर का स्वरूप
चतरा जिला प्रशासन द्वारा पर्यटक स्थल का दर्जा मिलने के बाद मंदिर परिसर का कायाकल्प हो चुका है.पहले जहां श्रद्धालुओं को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, वहीं आज पूरा प्रांगण अत्याधुनिक नागरिक सुविधाओं से लैस है.श्रद्धालुओं के लिए विशाल एवं सुसज्जित कीर्तन भवन.मांगलिक कार्यों के लिए मंडप और श्रद्धालुओं के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था.
मंदिर तक सुगम आवागमन के लिए पक्की सड़क तथा नदी पर पुल का निर्माण
जल व बिजली व्यवस्था,पेयजल हेतु जलमीनार व चापाकल,जमीन पर पेवर ब्लॉक ईंटें और आधुनिक शौचालय परिसर,सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य कई तरह के सुविधा यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को मिलती हैं.
भव्य कलश यात्रा और विशाल भंडारा
वर्तमान में अनुष्ठान की शुरुआत अत्यंत भव्य कलश यात्रा के साथ होती है, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं.आयोजन के दौरान मंदिर को आकर्षक कच्चे फूल से सजावट,डीजे साउंड,आकर्षक विधुत लाइट, विशाल टेंट और बैंड-बाजे के साथ भक्तिमय माहौल देखते ही बनता है. इस दौरान विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाता है, जहां हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं.
अखंड हरिकीर्तन के इस पावन अवसर पर आसपास के कई जिलों से उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ यह साबित करती है कि महादेव मठ मंदिर क्षेत्र की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है. मंदिर परिसर में पूरा हरा भरा हैं. कई औषधि,फल,फूल,चंदन के पेड़-पौधा लगा है.चारों ओर नदी व पहाड़ के बीच यह मंदिर आकर्षक का केंद्र बना हैं.
मठ समिति के अध्यक्ष ने ये कहा
कुंदा पंचायत मुखिया सह महादेव मठ समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार साहु ने बताया कि सुरूआत के समय मे अखंड हरिकीर्तन एक छोटा सा कार्यक्रम होता था आज हमसब युवाओं व ग्रामीणों के सहयोग से आज भव्य रूप से अखंड हरिकीर्तन करते हैं जिसमें लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं.चतरा जिला प्रशासन ने महादेव मठ में कई विकास योजनाओं से जोड़ा हैं.
