अंतरराज्जयीय चाेर गिरोह का खुलासा, एक गिरफ्तार

ट्रक चालकों को नशीला पदार्थ खिलाकर घटना को अंजाम देते थे

वारदात. ट्रक चालकों को नशीला पदार्थ खिलाकर घटना को अंजाम देते थे : 42 नशीली गोलियां, जीपीएस निकालने का उपकरण, प्लास, व 17 हजार बरामद चतरा. सदर पुलिस ने ट्रक चोरी मामले का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय चोर गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है. साथ ही चोरी का एक ट्रक (जेएच 12 एल 0482) को बरामद किया है. गिरफ्तार आरोपी आदित्य राज उर्फ आदित्य कुमार उर्फ राजीव रंजन उर्फ मनन चौधरी उर्फ मो शाहबाज बिहार के भागलपुर जिले के हबीबपुर का रहने वाला है. उसकी गिरफ्तारी लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र से की गयी. उसके पास से 42 नशीली गोलियां, ट्रक का जीपीएस निकालने का उपकरण, प्लास, पेचकस व 17 हजार रुपये नकद बरामद किया है. यह जानकारी एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने रविवार को दी. उन्होंने जारी बयान में बताया है कि यादव होटल के पास से धनबाद जिले के चिरकुंडा थाना तालडांगा हाउसिंग कॉलोनी निवासी मो गालिब खान के ट्रक की चोरी हो गयी थी. इस संबंध में गालिब ने सदर थाना में मामला दर्ज कराया था. बताया कि पूछताछ में आदित्य ने बताया है कि गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिल कर ट्रक चालकों को नशीला पदार्थ खिलाकर वाहन चोरी करता था. सहयोगी एखलाक खान, राजेश यादव, टुनू यादव के साथ मिल कर पूर्व में भी बिहार व पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है. चोरी किये गये ट्रकों को पश्चिम बंगाल के पन्नागढ़ में बेच दिया जाता था. एसपी ने कहा कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है, जिसकी गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है. अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर अभियान चलाया जा रहा है. छापामारी टीम में एसडीपीओ संदीप सुमन, थाना प्रभारी अवधेश सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक कासिम अंसारी, राहुल सिंह समेत तकनीकी शाखा के कर्मी व जवान शामिल थे. चालक को विश्वास में लेकर करते हैं ट्रक की चोरी अंतरराज्यीय चोर गिरोह ट्रक चालक को विश्वास में लेने के बाद ट्रक चोरी की घटना को अंजाम देता है. गिरोह के सदस्य सबसे पहले ट्रक चालकों से संपर्क साध कर खुद को ट्रांसपोर्टर बताते हैं और चालक को अपने विश्वास में ले लेते हैं. इसके बाद चालक से स्थान पूछ कर चार पहिया वाहन से वहां पहुंचते हैं और चालक को खिलाने पिलाने का काम करते हैं. इस दौरान नशीला टैबलेट (दवा) पानी में मिला कर खिलाते हैं, जिससे चालक बेहोश हो जाता है. इसके बाद सबसे पहले वाहन का जीपीएस खोलते हैं और चालक का मोबाइल का लोकेशन बंद कर देते हैं. इसके बाद वाहन के नंबर पर फर्जी नंबर लगा कर फरार हो जाते हैं और बेहोशी की हालत में चालक को सड़क पर कहीं उतार देते हैं और वाहन से रेकी कर ट्रक को पन्नागढ़ ले जाकर कटवा देते हैं.

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By DEEPESH KUMAR

DEEPESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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