माउंटेनमैन दशरथ मांझी से प्रेरणा लेने की जरूरत

अखिल भारतीय भुइयां समाज कल्याण समिति की ओर से रविवार को चतरा कॉलेज के समीप मैदान में पर्वत पुरुष दशरथ मांझी की 18वीं पुण्यतिथि मनायी गयी.

चतरा. अखिल भारतीय भुइयां समाज कल्याण समिति की ओर से रविवार को चतरा कॉलेज के समीप मैदान में पर्वत पुरुष दशरथ मांझी की 18वीं पुण्यतिथि मनायी गयी. कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के जिलाध्यक्ष उमेश भारती ने की, संचालन महासचिव जयराम भारती ने किया. मुख्य अतिथि के रूप में बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष सिंटू भुइयां व विशिष्ट अतिथि के रूप में झामुमो जिलाध्यक्ष नीलेश ज्ञासेन उपस्थित थे. कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दशरथ मांझी के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित कर की गयी. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री भुइयां ने कहा कि दशरथ मांझी व्यक्ति नहीं, विचार थे. दशरथ मांझी से हमें प्रेरणा लेने की जरूरत है. उनके साहसिक एवं ऐतिहासिक कार्य को लोग हमेशा याद रखेंगे. दशरथ मांझी बिहार के गया जिले के गहलौर गांव के रहनेवाले थे. 1959 में उनकी पत्नी फाल्गुनी देवी की पहाड़ पार करते समय चोट लगने से मौत हो गयी थी. पत्नी की मौत से दुखी होकर दशरथ मांझी ने पहाड़ को काटकर रास्ता बनाने का फैसला किया. उन्होंने 22 साल चार माह तक अकेले हथौड़े और छेनी से पहाड़ को काटकर रास्ता बनाया. कहा कि दशरथ मांझी के लिए भारत रत्न की मांग करेंगे. कार्यक्रम को सफल बनाने में समाज के जिला उपाध्यक्ष दिनेश भारती, मंत्री प्रभु भारती, रामदयाल भारती, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष ममता कुमारी, सुशील भारती, कामेश्वर भारती, अमर भारती, नरेश भारती, संजय भारती समेत अन्य लोगों ने अहम भूमिका निभाई.

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Published by: Anuj singh

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