गिद्धौर. प्रखंड की विभिन्न नदियों से बालू का अवैध रूप से उठाव जारी है. एनजीटी के आदेशों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है. अवैध खनन से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है. जानकारी के अनुसार कहुआघाट, खलारी व मारंगी नदी से अवैध बालू का उठाव जोर-शोर से चल रहा है.
ट्रैक्टर से बालू ढुलाई, सड़कों की हालत खराब
बालू माफियाओं द्वारा ट्रैक्टर से बालू उठाव कर खलारी गांव होते हुए जिले के असढिया होते डहुरी तरह ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है. बालू की ढुलाई से सड़कें भी पूरी तरह से टूट रही हैं. कच्ची सड़कों की स्थिति बेहाल है. खलारी गांव के आसपास जंगलों में बनी कच्ची सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गयी हैं.
वनरोपण के पेड़ों पर भी पड़ रहा असर
जंगल में वन विभाग की ओर से किये गये वनरोपण कार्य में कई छोटे-बड़े पेड़ बालू की ढुलाई से धराशायी हो रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि ट्रैक्टर सुबह तीन बजे से गांव से जाने लगते हैं, जिससे गांव के लोग परेशान रहते हैं.
ग्रामीणों का आरोप- कार्रवाई नहीं कर रहे विभाग
ग्रामीणों ने बताया कि अवैध बालू की ढुलाई पर रोक न तो वन विभाग की टीम लगा पा रही है और न ही प्रखंड प्रशासन की टीम. बालू माफिया बेधड़क और बेखौफ अवैध बालू की ढुलाई कर रहे हैं.
