चतरा : जिले में कल रात से लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लगातार बारिश के कारण लोग घरों से निकलने में परेशानी हो रही है. कई जगह मिट्टी से बने मकान भी गिर गये हैं, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने रहने की समस्या उत्पन्न हो गयी है.
नदी-नालों में उफान, कई गांवों का संपर्क प्रभावित
बारिश के कारण नदी-नालों में पानी का बहाव तेज हो गया है. इससे कई गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है. कुंदा प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांव टापू में तब्दील हो गये है. ग्रामीण इलाकों में सबसे अधिक परेशानी लोगों को हो रही है.
जलजमाव और कीचड़ से ग्रामीण सड़कों पर चलना मुश्किल
लगातार बारिश से सड़कों पर जलजमाव हो गया है. वहीं, ग्रामीण सड़कों पर कीचड़ फैल जाने से आवागमन मुश्किल हो गया है. लोगों को जरूरी काम के लिए भी आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
नावाडीह-जगन्नाथी सड़क कीचड़ में तब्दील
पत्थलगड्डा प्रखंड की नावाडीह पंचायत से जग्रनाथी जाने वाली सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गयी है. इस सड़क से जग्रनाथी के अलावा सयानी, गोपेरा, डमौल समेत कई गांवों के लोग आवागमन करते हैं. सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है.
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सिमरिया-चतरा मार्ग पर भी बढ़ी परेशानी
सिमरिया-चतरा मार्ग पर हीरो शोरूम से बस स्टैंड और नगवा बाइपास तक सड़क की स्थिति जर्जर हो गयी है. बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह जलजमाव हो गया है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है. स्थानीय लोगों के अनुसार, दिन-रात हाइवा वाहनों के परिचालन से सड़क की स्थिति और खराब हो गयी है.
डस्ट डालकर होती है मरम्मत, फिर बिगड़ जाती है सड़क
स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क पर यदा-कदा डस्ट डालकर मरम्मत की जाती है, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है. लोगों ने प्रशासन से सड़क की जल्द और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने की मांग की है.
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