मयूरहंड से पिंटू कुमार राणा की रिपोर्ट
चतरा: चतरा के मयूरहंड प्रखंड मुख्यालय से 12 किमी दूर स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पथरा इन दिनों बदहाली का शिकार है. केंद्र का भवन जर्जर व कंडम स्थिति में है. यहां बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं. सुविधा के अभाव में केंद्र 24 घंटे संचालित नहीं होता और कार्यालय अवधि के बाद ताला लटक जाता है. केंद्र में सीएसओ केशकांत कुमार और एएनएम नीला कुमारी पदस्थापित हैं. यहां सर्दी, खांसी और बुखार की दवा देने के साथ टीकाकरण किया जाता है. प्रसव की सुविधा नहीं होने के कारण महिलाओं को 12 किमी दूर प्रखंड मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है. केंद्र तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क भी नहीं है. ग्रामीणों को कच्ची सड़क से होकर आना-जाना पड़ता है.
13 गांवों के लोगों को मिलनी है सुविधा
उप स्वास्थ्य केंद्र से फुलांग और पेटादेरी पंचायत के पथरा, फुलांग, झारदाग, बलिया, बेंगवा, परासी, पेटादेरी, धर्मपुर, मनहे, सदाफर और कोयली समेत 13 गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिलनी है. लेकिन सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है.
क्या कहते हैं ग्रामीण
पथरा निवासी आदित्य प्रसाद भगत ने कहा कि केंद्र नियमित नहीं खुलने से ग्रामीणों को निजी चिकित्सकों से इलाज कराना पड़ता है और महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती हैं. राशिक सिंह शिरोमणि ने कहा कि केंद्र को नये भवन में स्थानांतरित करने से ग्रामीणों को लाभ मिलेगा. समाजसेवी शंकर रजक ने कर्मियों के रहने के लिए बिजली, पानी और शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की.
महिला कर्मी बोलीं, सुविधाओं के अभाव में लगता है भय
एएनएम नीला कुमारी ने कहा कि केंद्र में बिजली, पानी और शौचालय नहीं है. शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है. वह 22 किमी दूर इटखोरी से पीने का पानी बोतल में लेकर केंद्र पहुंचती हैं. सुविधाओं के अभाव में भय के माहौल में काम करना पड़ता है.
अधूरा पड़ा है नया भवन
केंद्र से करीब आधा किमी दूर पथरा मोड़ पर नया उप स्वास्थ्य केंद्र भवन बनाया जा रहा है. भवन लगभग तैयार है, लेकिन रंग-पेंट और दरवाजा लगाने का काम अधूरा है. ग्रामीणों का कहना है कि नया भवन जल्द पूरा कर केंद्र को स्थानांतरित किया जाये, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से मिल सकें.
