चतरा. डीएमएफटी भवन में गुरुवार को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम एमएसएमइ विकास कार्यालय, रांची व मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्योग विकास बोर्ड, चतरा के संयुक्त तत्वाधान में हुआ. कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने द्वीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान प्रतिभागियों को पीएम विश्वकर्मा योजना की रूपरेखा, उद्देश्य व लाभ की जानकारी दी गयी. बताया गया कि 13 हजार करोड़ रुपये की बजट प्रावधान वाली इस महत्वकांक्षी योजना में 18 पारंपरिक व्यवसायियों को शामिल किया गया है. योजना के तहत शिल्पकारों व कारीगरों को प्रमाण पत्र व पहचान पत्र जारी कर औपचारिक पहचान दी जायेगी. लाभुकों को पहले चरण में एक लाख रुपये व दूसरे चरण में दो लाख रुपये तक ऋण मात्र पांच प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा. योजना के तहत बढ़ई, नाव बनानेवाले, अस्त्र-शस्त्र, लोहार, ताला बनाने, हथौड़ा, टूलकिट, मूर्तिकार, कुम्हार, मोची, राजमिस्त्री समेत अन्य को बेहतर अवसर दिया जायेगा. उपायुक्त ने उपस्थित लोगों के बीच संवाद स्थापित कर उनकी समस्या व सुझाव को सुना. कहा कि पात्र लाभुकों तक योजना का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. मौके पर डीडीसी अमरेंद्र कुमार सिन्हा, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के उप महाप्रबंधक संतोष कुमार सिन्हा, कौशल विकास एवं उद्यमिता के क्षेत्रीय निदेशक विनोद कुमार दुबे, एमएसएमई रांची के संयुक्त निदेशक इंद्रजीत यादव, सहायक निदेशक सुरेंद्र शर्मा उपस्थित थे.
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