बांध टूटा, हजारों एकड़ में लगी फसल बही

अकाल के समय 1967 में हुआ था बहरकुरबा बांध का निर्माण प्रतापपुर :शुक्रवार देर शाम हुई भारी बारिश ने योगियारा गांव में स्थित बहरकुरबा बांध टूट गया, जिससे हजारों एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो गयी. बांध के टूटने से किसानों को सिंचाई की समस्या उत्पन्न हो गयी है. 17 एकड़ में फैला […]

अकाल के समय 1967 में हुआ था बहरकुरबा बांध का निर्माण

प्रतापपुर :शुक्रवार देर शाम हुई भारी बारिश ने योगियारा गांव में स्थित बहरकुरबा बांध टूट गया, जिससे हजारों एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो गयी. बांध के टूटने से किसानों को सिंचाई की समस्या उत्पन्न हो गयी है. 17 एकड़ में फैला यह बांध 1967 में बना था. इस बांध के पानी से योगियारा, कुकुरमन गांव सहित दर्जनों गांव के किसान खेती करते थे.
बहरकुरबा गांव में पानी लाने के लिए धुवा नदी को बांध कर एक किलोमीटर नाला बनाकर पानी लाया गया. नाला का निर्माण 2011-12 में ग्रामीणों ने श्रमदान कर किया था. बांध की मरम्मत के लिए बीडीओ को आवेदन दिया जायेगा. मुखिया गीता देवी ने 14वीं वित्त से बांध की मरम्मत कराने की मांग डीसी व बीडीओ से करने की बात कही है.
बांध टूटने से इन किसानों को हुआ नुकसान

बांध टूट जाने से बसंत पासवान, रामानुज सिंह, सत्येंद्र सिंह, सत्यनारायण सिंह, जतन मिस्त्री, जगदेव यादव समेत सौ से अधिक किसानों की धान की फसल बर्बाद हो गयी. पानी के तेज बहाव से खेतों की मेढ़ भी बह गयी. खेतों में लगी धान की फसल पानी के तेज बहाव में बह गयी.

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