कान्हाचट्टी : प्रखंड के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल रहा है. सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये की लागत से स्वास्थ्य भवन बनाया गया है, लेकिन नियमित रूप से चिकित्सक को नहीं रहने के कारण क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस केंद्र में आज तक स्थायी रूप से चिकित्सक की नियुक्ति नहीं की गयी हैं.
सीएस द्वारा डॉ जुनैद को तीन माह पूर्व प्रभार दिया गया था, लेकिन आजतक वे स्वास्थ्य केंद्र नहीं पहुंचे. चिकित्सक के अभाव में प्रखंड के मरीज व गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल रहा है. बीमारी से ग्रसित लोग झोलाछाप चिकित्सक से ईलाज कराने को मजबूर है. ईलाज के अभाव में एक माह पूर्व कान्हाकला के शमशुद्दीन मियां व शहिस्ता की मौत आग में झुलसने से हो गयी थी, जबकि में गंभीर रूप से घायल हिना परवीन का ईलाज रिम्स में चल रहा हैं. एंबुलेंस की सुविधा नहीं होने से तीन घंटे के बाद इलाज के लिए हजारीबाग भेजा गया था. केंद्र में आनेवाले मरीजों की एएनएम इलाज करती हैं. यहां दो एनएम कार्यरत हैं. रात में नियमित रूप से स्वास्थ्य नहीं खुलता है.
क्या कहते हैं जिप सदस्य व ग्रामीण : प्रखंड के जिला परिषद सदस्य छाया सिंह ने कहा कि केंद्र में नियमित रूप से चिकित्सक का पदस्थापन नहीं किया गया, तो ग्रामीणों के साथ मिल कर आंदोलन करेंगे. इसकी सूचना उपायुक्त को दी जायेगी. राजपुर के विनय सिन्हा ने कहा की डॉक्टर नहीं रहने से प्रखंड के मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इससे लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष हैं. खाप के छोटू सिंह ने कहा की स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति में अविलंब सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे.
सीएस ने कहा : सीएस डॉ एसपी सिंह ने बताया कि डॉक्टर जुनैद को प्रभार दिया गया था, लेकिन वे लंबी छुट्टी पर चले गये हैं. फिलहाल डॉक्टर सक्सेना को प्रभार दिया गया हैं. सप्ताह में दो दिन स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर मरीजों का इलाज करेंगे.
