टंडवा के लाल की लिखी पुस्तक मचा रही है धमाल

टंडवा : जब दिल में कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो उसे पूरा करने में कोई बाधा नहीं पहुंचती. इस बात को सच कर दिखाया है प्रखंड के किशनपुर गांव निवासी प्रमोद पाठक के पुत्र जयशंकर पाठक ने. जयशंकर पाठक ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में रहते हुए ‘मेरा मन’ नाम से एक काव्य […]

टंडवा : जब दिल में कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो उसे पूरा करने में कोई बाधा नहीं पहुंचती. इस बात को सच कर दिखाया है प्रखंड के किशनपुर गांव निवासी प्रमोद पाठक के पुत्र जयशंकर पाठक ने. जयशंकर पाठक ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में रहते हुए ‘मेरा मन’ नाम से एक काव्य पुस्तक लिखी है, जो धूम मचा रही है. यह काव्य पुस्तक सुकमा छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के हाथों शहीद हुए जवानों को समर्पित है. पुस्तक में शहीद जवानों को समर्पित श्रद्धांजलि कविताएं हैं, जिसकी चहुंओर सराहना हो रही है. काव्य पुस्तक का विमोचन दिल्ली में आयोजित पुस्तक मेला के दौरान किया गया.

काव्य पुस्तक कुल 35 कविताएं हैं जो शहीद जवानों को समर्पित है. पुस्तक विमोचन के साथ ही चर्चा में आ गयी है. जयशंकर के पिता प्रमोद पाठक वनांचल महाविद्यालय टंडवा में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं. शुरू से ही मेधावी जयशंकर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में नौकरी पाने के बाद हुई अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मौका नहीं छोड़ा. उन्होंने बताया कि कविता साहित्य से उनका बेहद लगाव है. आगे भी पुस्तक लिखने का काम करेंगे. इधर, कविता प्रकाशित होने पर उनके गांव वाले गौरवान्वित है. प्रखंड प्रमुख सीताराम साहू, मिथिलेश गुप्ता, प्रोफेसर संजय प्रसाद गुप्ता, अब्दुल गफ्फार, अक्षयबट पांडे, शंकर चौरसिया समेत प्रखंड के गणमान्य ने जयशंकर पाठक को बधाई दी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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