चाईबासा.
अमलाटोला स्थित श्री राणी सती मंदिर में मंगसीर नवमी महोत्सव के चतुर्थ दिवस पर रविवार को प्रातः 8 बजे पूजन और ज्योत आरती के बाद अपराह्न 3 बजे पुरुलिया से आयी गायिका रोशनी शर्मा ने मंगल पाठ किया और मां के मधुर भजनों की प्रस्तुति दी. मंगल पाठ सेवा शालिग्राम पसारी परिवार, प्रसाद सेवा जालान प्रिंटिंग रांची, शृंगार सेवा नारायणी साड़ीज तथा मंगल भोग सेवा गोविंदराम खिरवाल द्वारा संपन्न की गयी. शाम 7:30 बजे संध्या आरती के बाद भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया. मंदिर ट्रस्ट के सचिव प्रदीप पसारी ने बताया कि मंगल पाठ में नारी शक्ति की व्याख्या की गयी. उन्होंने कहा कि विद्या की देवी मां सरस्वती, वैभव की देवी मां लक्ष्मी और शक्ति की देवी मां दुर्गा हैं. जब-जब पृथ्वी पर आसुरी शक्तियों का उदय हुआ, तब-तब देवी ने नव रूप धारण कर उनका संहार किया. कलियुग में नारी शक्ति के रूप में श्री राणीसती का प्रादुर्भाव हुआ और उनकी पूजा त्रिशूल रूप में की जाती है. इस दौरान चुनरी ओढ़े महिलाएं और बालिकाएं भक्ति भाव से मंगल पाठ एवं भजन गायन में सहभागी बनीं. दिल्ली से आयीं श्रद्धालु महिलाएं भी भजनों पर झूम उठीं. प्रदीप पसारी ने कहा कि मंगल पाठ करने से मां जगदंबा सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. ट्रस्टी प्रभात पसारी ने भक्तों से प्रतिदिन मंगल पाठ में शामिल होकर दर्शन लाभ प्राप्त करने और पुण्य के भागी बनने का आग्रह किया.कार्यक्रम में ये रहे शामिल
कार्यक्रम के कार्यक्रम संयोजक मंडली में प्रभात पसारी, सुशील पसारी, राकेश बुधिया, इन्द्र पसारी, अनूप जोशी, तन्मय पसारी, अभिषेक पसारी, अमित रुंगटा, बजरंग अग्रवाल,अजय मोहता, चितवन पसारी, अजय मोहता, गोविंद मोहता, रवि भूत, रवि बुधिया, कपिल गोयल, नारायण पाडिया व अंचल पसारी सहित दादी भक्त मंडल की महिलाएं शामिल रहीं.
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