चक्रधरपुर.
देवेंद्र माझी स्पोर्ट्स फाउंडेशन (डीएमएसएफ) चक्रधरपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) जालंधर को 2-1 से पराजित कर 29वीं स्टील एक्सप्रेस फुटबॉल प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया. यह ऐतिहासिक फाइनल मुकाबला चक्रधरपुर रेलवे की ओर से टूर्नामेंट की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर मंगलवार को सेरसा इकबाल सिंह संधू स्टेडियम में खेला गया. फाइनल मैच को देखने के लिए दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. स्टेडियम में 9 हजार से अधिक फुटबॉल प्रेमी मौजूद रहे, जिससे पूरा माहौल रोमांच से भर गया. समारोह के मुख्य अतिथि दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा थे. विशिष्ट अतिथियों में खरसावां विधायक दशरथ गागराई, मनोहरपुर विधायक जगत माझी, चक्रधरपुर रेल मंडल प्रबंधक तरुण हुरिया सहित कई लोग उपस्थित रहे.पहला हाफ : बीएसएफ की बढ़त, डीएमएसएफ की वापसी
मैच की शुरुआत तेज रही. 16वें मिनट में बीएसएफ जालंधर के पंकज राला ने गोलकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलायी. इसके बाद डीएमएसएफ ने आक्रामक खेल दिखाया और 39वें मिनट में ओम महानंद के गोल से स्कोर 1-1 से बराबर हो गया. मध्यांतर तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं.
दूसरे हाफ में कड़ा संघर्ष:
दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन मजबूत रक्षा और गोलकीपरों की सतर्कता के कारण कोई गोल नहीं हो सका. निर्धारित समय तक स्कोर 1-1 रहा.
अतिरिक्त समय में रोमांच:
अतिरिक्त समय के पहले हाफ में बीएसएफ को मिली पेनाल्टी को डीएमएसएफ के गोलकीपर लक्ष्मण बास्के ने शानदार डाइव लगाकर रोक दिया. दूसरे हाफ में जयपाल सिरका ने फ्री किक पर निर्णायक गोल दागकर डीएमएसएफ को 2-1 की बढ़त दिलायी.
मैच में दर्शकों का गूंजा विरोध, कहा-खेल बाद में, पहले ट्रेन की टाइमिंग सुधारो
चक्रधरपुर. स्टील एक्सप्रेस फुटबॉल प्रतियोगिता के दौरान एक बार फिर रेल प्रशासन के खिलाफ यात्रियों और दर्शकों का आक्रोश देखने को मिला. रेल महाप्रबंधक अनिल मिश्रा की मौजूदगी में दर्शकों ने कई बार “ट्रेन की टाइमिंग ठीक करो” के नारे लगाये. दर्शकों का कहना था कि कई बार ज्ञापन और मांग के बावजूद ट्रेन की टाइमिंग में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है. यही कारण है कि खेल आयोजन जैसे मंचों से भी लोग अपनी आवाज उठाने को विवश हैं.प्रतियोगिता के फाइनल में छऊ नृत्य रहा आकर्षण का केंद्र
चक्रधरपुर. स्टील एक्सप्रेस फुटबॉल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले के दौरान खेल के रोमांच के साथ-साथ सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला. आयोजन समिति की ओर से दर्शकों के मनोरंजन के लिए मानभूम शैली के पारंपरिक छऊ नृत्य का आयोजन किया गया. अलग-अलग पारंपरिक मुखौटों में सजे कलाकारों ने मानभूम छऊ की विविध शैलियों को मंच पर जीवंत कर दिया. ढोल-नगाड़ों की थाप और भाव-भंगिमाओं से सजे नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.पुरस्कार वितरण
विजेता डीएमएसएफ चक्रधरपुर को 1,00,001 नकद व ट्रॉफी, जबकि उपविजेता बीएसएफ जालंधर को 80,000 नकद व ट्रॉफी प्रदान की गयी.व्यक्तिगत पुरस्कार
– मैन ऑफ द टूर्नामेंट: जयपाल सिरका– मैन ऑफ द फाइनल : सोमिसन शिराक
– सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर : लक्ष्मण बास्के– सर्वश्रेष्ठ दर्शक : असलम खान उर्फ कल्लू खान
