संवाददाता, चाईबासा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बुधवार को पश्चिमी सिंहभूम जिला कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में राज्य सरकार पर विकास, कानून-व्यवस्था और वित्तीय कुप्रबंधन को लेकर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, लेकिन भ्रष्टाचार और गलत नीतियों के कारण जनता बदहाल है.
ईमानदारी से खर्च होता तो बदल जाती जिले की तस्वीर: बाबूलाल मरांडी
मरांडी ने कहा कि केंद्र सरकार ने खदान प्रभावित लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड की व्यवस्था की थी. पिछले 10 वर्षों में पश्चिमी सिंहभूम जिले को डीएमएफटी मद से लगभग 3,700 करोड़ रुपये (औसतन 300 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष) मिले. लेकिन, इस भारी-भरकम राशि का सही उपयोग नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि यदि इस धन का ईमानदारी से इस्तेमाल होता, तो जिले की तस्वीर बदल जाती. अपने तीन दिनों के दौरे में मैंने देखा कि आज भी ग्रामीण नदी-नालों का पानी पीने को विवश हैं, स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और मरीजों को खाट पर टांगकर अस्पताल ले जाना पड़ता है.
अवैध खनन और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर निशाना
कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. अब छोटे स्तर के पुलिस पदाधिकारी भी वरिष्ठ अधिकारियों की परवाह नहीं करते हैं. राज्य में सरकार नहीं, बल्कि बिचौलियों और माफियाओं का तंत्र हावी है. उन्होंने आरोप लगाया कि माइंस और बालू घाटों की समय पर नीलामी न होने से अवैध खनन को बढ़ावा मिला है और हजारों स्थानीय लोगों का रोजगार छिन गया है. उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं, जिससे बेरोजगारी चरम पर है.
मरांडी ने सरकार से एक पारदर्शी व्यवस्था लागू कर खनिज संपदा का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचाने की मांग की. प्रेसवार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गगराई, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता जेबी तुबिद, पूर्व विधायक गुरु चरण नायक पूर्व विधायक शशि सामड, प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा, उपाध्यक्ष रंजन प्रसाद सहित भारतीय जनता पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
