चाईबासा. कन्या संक्रांति के अवसर पर गुरुवार को मांगीलाल रूंगटा प्लस टू विद्यालय, चाईबासा में भगवान विश्वकर्मा की पूजा श्रद्धा और उल्लास के साथ की गयी. पूजा के दौरान पूरा विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा. शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ छात्र-छात्राओं ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और सफलता की कामना की.
विद्यालय के कंप्यूटर लैब में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत पूजा-अर्चना की गयी. शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने सामूहिक प्रार्थना में हिस्सा लिया. पूजा के बाद विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों के बीच लड्डू व प्रसाद का वितरण किया गया.
श्रम, हुनर और तकनीक के सम्मान का संदेश
विश्वकर्मा पूजा को केवल धार्मिक आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि श्रम, हुनर, औजार, मशीन और तकनीक के प्रति सम्मान का प्रतीक भी माना जाता है. विद्यालय में आयोजित पूजा के माध्यम से विद्यार्थियों को कार्य के प्रति समर्पण, तकनीकी दक्षता और श्रम के सम्मान का संदेश दिया गया.
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ श्रम और कौशल के महत्व को समझने का अवसर देते हैं. कंप्यूटर लैब में आयोजित पूजा ने आधुनिक तकनीक और पारंपरिक आस्था के समन्वय को भी दर्शाया.
आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह रहा. श्रद्धा और उत्साह के बीच संपन्न विश्वकर्मा पूजा से विद्यालय में आपसी सहभागिता और सांस्कृतिक चेतना का माहौल बना रहा.
