Chaibasa News : गुहार लगाकर थक चुके ग्रामीणों ने सड़क को चलने लायक बनाया

पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो प्रखंड में चाईबासा-रोवाम सड़क वन विभाग, जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक उदासीनता के कारण अधूरी है.

झींकपानी.

पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो प्रखंड में चाईबासा-रोवाम सड़क वन विभाग, जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक उदासीनता के कारण अधूरी है. मरम्मत व निर्माण के लिए गुहार लगाकर ग्रामीण थक चुके हैं. सड़क की दयनीय स्थिति को देखते हुए समाजसेवी बिरसा बारजो व पुरनापानी पंचायत की मुखिया दशमा बारजो के नेतृत्व में श्रमदान कर सड़क के गड्ढों को मिट्टी व पत्थरों से भरकर चलने लायक बनाया गया. जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक उदासीनता को देखते हुए पुरनापानी में चाईबासा-रोवाम सड़क के साथ ग्रामीण सड़कों के गड्ढों को ग्रामीणों ने मिलकर दुरुस्त किया. श्रमदान करने वालों में राजेंद्र सुंडी, ग्रामीण मुंडा विपिन सुंडी, सुकून दास, जोंको सुंडी, बिहारी सुंडी, शंभू नायक, कैरा, कुंडिया बारजो आदि ग्रामीण शामिल रहे.

सड़क अधूरी रहने से हजारों ग्रामीण प्रभावित

गौरतलब हो कि वन विभाग ने एनओसी को लेकर अड़ियल रवैया अपनाया है. इससे चाईबासा-रोवाम सड़क विगत 8 वर्ष से अधूरी पड़ी है. टोंटो प्रखंड के हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं. टोंटो वासी एनओसी के लिए वन विभाग के साथ सांसद, मंत्री व उपायुक्त चाईबासा से भी गुहार लगा चुके हैं.

सड़क के गड्ढों में पानी भरने से हो रही थी परेशानी

निर्माणाधीन सड़क की पिच जगह-जगह टूटने लगी है. सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गये हैं. गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है. टोंटो प्रखंड के गुंडीपोषी व पुरनापानी के पास सड़क के गड्ढों में पानी जमा होने से दलदली व फिसलन हो गयी है. इससे चार पहिया वाहन, एंबुलेंस, दोपहिया वाहन व साइकिल से चलना भी मुश्किल हो गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AKASH

AKASH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >