बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करने का संघ ने किया विरोध

लंबित समस्याओं के समाधान की उठायी मांग

गुवा .

सशक्त संयुक्त मोर्चा यूनियन, गुवा ने सेल प्रबंधन के 15 जून 2026 से सभी नियमित कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित बायोमेट्रिक अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम (बीएएमएस) लागू करने के निर्णय का विरोध किया है. यूनियन ने मुख्य महाप्रबंधक को मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि कर्मचारियों और श्रमिकों से जुड़ी वर्षों पुरानी महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान किए बिना बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करना एकतरफा कदम है.

पृथक प्रशासनिक व्यवस्था बहाल करने की मांग

सशक्त संयुक्त मोर्चा ने पूर्ववर्ती आरएमडी, कोलकाता की तर्ज पर खदानों के लिए पृथक प्रशासनिक व्यवस्था बहाल करने की भी मांग की है. यूनियन का कहना है कि इससे खदान क्षेत्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा. यूनियन ने प्रबंधन से 15 जून से प्रस्तावित बीएएमएस व्यवस्था को तत्काल स्थगित करने तथा कर्मचारियों की लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया और बायोमेट्रिक प्रणाली को एकतरफा लागू करने का प्रयास हुआ, तो कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं वैधानिक आंदोलन शुरू किया जाएगा. इस अवसर पर सशक्त संयुक्त मोर्चा के घटक संगठनों भारतीय मजदूर संघ, क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ, झारखंड मजदूर यूनियन और सीटू के पदाधिकारी उपस्थित थे. इनमें हेमराज सोनार, बृजभूषण लाल, समीर पाठक, लाल बाबू गोस्वामी, राकेश सुंडी, रमेश गोप सहित अन्य सदस्य शामिल रहे.

39 माह का एरियर और वेज रिवीजन का मुद्दा उठाया

यूनियन ने मांग पत्र में कहा कि खदान कर्मचारियों का 39 माह का लंबित एरियर अब तक भुगतान नहीं किया गया है. वहीं वेतन पुनरीक्षण (वेज रिवीजन) से संबंधित एमओयू भी लंबे समय से लंबित है. कर्मचारियों की इन मूलभूत मांगों की अनदेखी कर नयी व्यवस्था लागू करना उचित नहीं है.

खदान क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं देने की मांग

मांग पत्र में खदान क्षेत्रों में स्टील प्लांटों के समकक्ष चिकित्सा, शिक्षा, आवास, खेलकूद एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गयी है. इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए खदान क्षेत्रों में क्वार्टर लीज नीति लागू करने, सभी खदान कर्मचारियों को प्रतिवर्ष 30 अर्जित अवकाश (इएल) देने तथा सीएमएलओ को पूर्णतः स्वतंत्र एवं स्वायत्त प्रबंधन संरचना प्रदान करने की मांग भी रखी गयी.

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Author: ATUL PATHAK

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