चक्रधरपुर. प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. इसी दौरान हारता पंचायत के हंसाबेड़ा गांव में बारिश के बीच एक पुराना इमली का पेड़ अचानक जड़ समेत उखड़कर टकवर सिंह और महेश प्रसाद सिंह के मकानों पर जा गिरा. पेड़ के भारी वजन से दोनों घरों की खपरैल छतें पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गयीं. गनीमत यह रही कि घटना के वक्त घरों के आसपास कोई नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई.
घर के अंदर घुसा पानी, खुले आसमान के नीचे आए परिवार
छत पूरी तरह टूटने के कारण बारिश का सारा पानी सीधे घरों के भीतर समा गया. इससे दोनों परिवारों के सामने रहने और सोने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. घर के अंदर रखा खाने-पीने का सामान और गृहस्थी का अन्य जरूरी सामान भी मलबे और पानी की चपेट में आकर पूरी तरह बर्बाद हो गया है. लगातार हो रही बारिश के बीच सिर से छत छिन जाने के कारण पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और उनके समक्ष विकट स्थिति उत्पन्न हो गयी है.
मुखिया ने पीड़ित परिवारों को दिया मुआवजे का भरोसा
घटना की सूचना मिलते ही हारता पंचायत की मुखिया जम्बी कच्छप तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने दोनों पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया. मुखिया ने कहा कि भारी बारिश से दोनों परिवारों को भारी नुकसान हुआ है. इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित कर नियमानुसार सरकारी मुआवजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा. वहीं ग्रामीणों ने भी प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री मुहैया कराने की मांग की है.
