Chaibasa News : नोवामुंडी कॉलेज में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद को दी गयी श्रद्धांजलि

नोवामुंडी कॉलेज में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की 137वीं जयंती उत्साह और गरिमा के साथ मनायी गयी.

नोवामुंडी.

नोवामुंडी कॉलेज में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की 137वीं जयंती उत्साह और गरिमा के साथ मनायी गयी. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. मनोजित विश्वास ने की. कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. विश्वास द्वारा मौलाना आज़ाद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर हुई. उपस्थित शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. डॉ. विश्वास ने मौलाना आज़ाद के शिक्षा क्षेत्र में योगदान को विस्तार से बताया. उन्होंने बताया कि आज़ाद ने स्वतंत्र भारत की शिक्षा व्यवस्था को नयी दिशा दी. उन्होंने यूजीसी, आइआइटी और एआइसीटीइ जैसे संस्थानों की नींव रखी. उन्होंने प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमीकरण, विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा के विस्तार और पुस्तकालय आंदोलन को प्रोत्साहित किया.

डॉ. विश्वास ने कहा कि मौलाना आज़ाद के विचार “शिक्षा सभी का मूल अधिकार है” आज भी प्रासंगिक है. शिक्षकों ने मौलाना आज़ाद की जीवनी और योगदान पर प्रकाश डाला. उन्होंने शिक्षा दिवस के महत्व पर अपने विचार साझा किया. सभी शिक्षकों ने शिक्षा को अधिक सुलभ, मूल्य-आधारित, प्रेरक और छात्र-केंद्रित बनाने का संकल्प लिया. शिक्षा दिवस के अवसर पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया. छात्र-छात्राओं ने निबंध प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया. मौके पर परमानंद महतो, साबिद हुसैन, डॉ. मुकेश कुमार सिंह, दिवाकर गोप, कुलजिंदर सिंह, भवानी कुमारी, संतोष पाठक, लक्ष्मी मोदक, प्रतिभा सोमकुंवर आदि मौजूद थे.

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Author: AKASH

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