Chaibasa News : हैलेट प्रावि में शिक्षक नहीं, बच्चों का भविष्य अधर में, अभिभावकों में रोष

अल्पसंख्यक मान्यता प्राप्त हैलेट प्राथमिक विद्यालय, सेनटोला में एक भी नियमित शिक्षक कार्यरत नहीं है.

चाईबासा.

अल्पसंख्यक मान्यता प्राप्त हैलेट प्राथमिक विद्यालय, सेनटोला में एक भी नियमित शिक्षक कार्यरत नहीं है. शिक्षकविहीन होने के कारण विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है और बच्चों का भविष्य संकट में पड़ गया है. विभागीय उदासीनता के चलते विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति भी लगातार घट रही है. सरकार की शिक्षा का अधिकार अधिनियम और सर्व शिक्षा अभियान जैसी योजनाओं को यहां लागू नहीं किया जा रहा है. विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक कुल 23 विद्यार्थी नामांकित हैं, लेकिन नियमित शिक्षक न होने से पढ़ाई बाधित है. गुरुवार को विद्यालय में कक्षा एक के एक, कक्षा दो के तीन और कक्षा चार के एक छात्र ही उपस्थित पाये गये.

सेवानिवृत्ति के बाद विद्यालय हुआ शिक्षकविहीन

विद्यालय में शिक्षकों के तीन स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में एक भी शिक्षक पदस्थापित नहीं है. विद्यालय की शिक्षिका विप्रा बोस के कोरोना काल में सेवानिवृत्त होने के बाद से अब तक किसी की नियुक्ति नहीं की गयी. अभिभावकों ने बताया कि विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट है, बच्चों का शैक्षणिक स्तर लगातार गिर रहा है और गरीब परिवार अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजने में असमर्थ हैं.

शिक्षिका लक्खी डे अकेले संभाल रहीं बच्चों का भविष्य

विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा चयनित शिक्षिका लक्खी डे अकेले ही बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा संभाल रही हैं. वे मई 2018 से सेवा दे रही हैं और मात्र 2000 मानदेय पर बच्चों को पढ़ा रही हैं. उन्होंने बताया कि शिक्षक न होने से बच्चों की संख्या घट रही है.सभी कक्षाओं के बच्चों को एक ही कमरे में साथ पढ़ाने को विवश हैं.

शौचालय बंद और नशे का अड्डा बना विद्यालय परिसर

विद्यालय में कुल तीन कमरे हैं एक कार्यालय के रूप में उपयोग किया जाता है, जबकि दूसरा कमरा खाली पड़ा है. विद्यालय में मिड-डे मील योजना संचालित है. साफ-सफाई के अभाव में शौचालय बंद है. विद्यालय परिसर के आसपास हड़िया (स्थानीय शराब) की बिक्री और शराबियों का जमावड़ा होने से वातावरण असुरक्षित हो गया है. स्कूल के मुख्य गेट के पास अवैध टैक्सी व टेंपो स्टैंड बना दिये गये हैं, जिससे बच्चों को विद्यालय आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.

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Author: AKASH

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