Chaibasa News : सरकार कर्मियों की मांगों पर गंभीर समस्याओं का जल्द होगा समाधान

कर्मचारी संकल्प महासम्मेलन में बोले मंत्री दीपक बिरुआ व सुदिव्य सोनू

चाईबासा/चक्रधरपुर. ऑफिसर्स टीचर्स एवं एम्प्लाइज फेडरेशन (झारोटेफ) ओर से आयोजित कर्मचारी संकल्प महासम्मेलन में राजस्व व भूमि सुधार मंत्री दीपक बिरुआ और नगर विकास मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि राज्य सरकार कर्मियों की मांगों को लेकर गंभीर है. कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान होगा. सरकार इसपर गंभीरता से विचार कर रही है. महासम्मेलन का आयोजन शनिवार को जिला स्कूल परिसर में किया गया. कार्यक्रम में राज्य के सारे जिलों से विभिन्न सेवा के कर्मचारी शामिल हुए.

मंत्री श्री बिरुआ ने कहा कि संवाद से ही समस्या का समाधान संभव है. आपके संगठन का सरकार से संवाद करने और समर्थन लेने का तरीका अनोखा है. शिक्षकों की एमएसीपी, सेवानिवृत्ति आयु सीमा 62 साल एवं शिशु शिक्षण भत्ता के अलावा इएल सहित अन्य मांगें सरकार के संज्ञान में है. वहीं, मंत्री सुदिव्य सोनू ने कर्मियों से कहा कि आप सरकार की बाहें हैं, कदम हैं. सरकारी कर्मचारियों के साथ जो बेहतर संबंध हमारे झारखंड में है, वह कहीं नहीं है. उन्होंने कहा कि आप लोगों ने सरकार के साथ संबंध बेहतर बनाया है. यह आपके संगठन की एकजुटता की ताकत है. मौके पर राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि सरकार ने मेरे सुझाव पर कला अकादमी व साहित्य अकादमी का तोहफा दिया है. उम्मीद रखें आपलोगों को भी सरकार बहुत जल्द तोहफा देगी. तेलंगाना से पहुंचे एनएमओपीएस के राष्ट्रीय महासचिव प्रज्ञा जी ने कहा कि आप सभी कर्मचारी सौभाग्यशाली हैं कि आप झारखंड से हैं. हेमंत सोरेन सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. झारोटेफ के प्रांतीय अध्यक्ष विक्रांत सिंह ने कहा कि सरकार ने हमें पुरानी पेंशन का तोहफा दिया है. वही सरकार एमएसीपी, सेवानिवृत्ति आयु 62 साल, शिशु शिक्षण भत्ता सहित अन्य मुद्दों का समाधान करेगी.

भीड़ के कारण सड़क जाम :

महासम्मेलन में राज्य के सभी जिलों के कर्मचारी पहुंचे. बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी थी. पूरा मैदान खचाखच भरा रहा. कर्मचारी हाथों में झंडे लिये रैली की शक्ल में जिला स्कूल पहुंचे. इस दौरान कचहरी रोड में जाम लग गया.

क्या हैं मांगें:

शिक्षक संवर्ग को भी एमएसीपी का लाभ देने, राज्य कर्मियों की सेवानिवृत्ति उम्र सीमा 62 वर्ष करने, शिशु शिक्षण भत्ता का लाभ देने, राज्य कर्मियों के एनपीएस में जमा राशि को वापस लेने की कार्रवाई करने, राज्य प्रशासनिक सेवा की सीमित परीक्षा में सारे राज्य कर्मियों को भाग लेने की अनुमति देने, बड़े शहरों की तरह छोटे शहरों/ग्रामीण क्षेत्रों के कर्मियों को भी परिवहन भत्ता देने की मांग शामिल है.

इन संगठनों ने लिया भाग :

पुलिस मेंस एसोसिएशन तथा पुलिस एसोसिएशन, समाहरणालय सेवा, पशुपालन सेवा, सहकारिता सेवा, कृषि सेवा, आशुलिपिक, अराजपत्रित कर्मचारी, आइटीआइ प्रशिक्षण अधिकारी समेत 26 विभागों के कर्मचारी व अधिकारी इसमें शामिल हुए. वहीं, शिक्षक संवर्ग में प्राथमिक, माध्यमिक, प्लस टू शिक्षक, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कल्याण विद्यालय के शिक्षक शामिल हुए.

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By ATUL PATHAK

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