बड़बिल: खनन क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल और नवाचार के लिए टाटा स्टील के ओएमक्यू डिवीजन को ‘माइन इनोवेशन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान शनिवार को जोड़ा स्थित टाटा स्टील के वैली क्लब में आयोजित 5वें इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन सेफ एंड सस्टेनेबल माइनिंग टेक्नोलॉजी एंड माइनिंग एक्सपो के दौरान दिया गया.
कार्यक्रम का आयोजन इंडियन माइनिंग एंड इंजीनियरिंग जर्नल की ओर से किया गया. पुरस्कार टाटा स्टील ओएमक्यू डिवीजन में खनन कार्यों में डिजिटल तकनीक के उल्लेखनीय और प्रभावी इस्तेमाल के लिए प्रदान किया गया. टाटा स्टील ओएमक्यू डिवीजन के जनरल मैनेजर देवाशीष जेना और टाटा स्टील जोड़ा के चीफ जीवी सत्यनारायण ने कंपनी की ओर से पुरस्कार ग्रहण किया.
खनन में डिजिटल बदलाव को मिली पहचान
ओएमक्यू डिवीजन में अलग-अलग डिजिटल परियोजनाओं के जरिये खनन प्रक्रियाओं में दक्षता, सुरक्षा, विशेषज्ञता और टिकाऊपन बढ़ाने पर काम किया जा रहा है. इन पहलों के माध्यम से खनन कार्यों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने के साथ प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण बदलाव लाने का प्रयास किया गया है.
सम्मेलन में विशेषज्ञों ने खनन क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल और इसके भविष्य पर भी चर्चा की. कार्यक्रम के दौरान सुरक्षित और टिकाऊ खनन पद्धतियों को विकसित करने, आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल और खनन क्षेत्र की भविष्य की दिशा पर विचार-विमर्श किया गया.
सुरक्षित और टिकाऊ खनन पर हुआ मंथन
दो दिवसीय सम्मेलन और माइनिंग एक्सपो में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, खनन विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया. इसमें सुरक्षित एवं टिकाऊ खनन पद्धतियों के विकास, आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल और खनन क्षेत्र को भविष्य के लिए तैयार करने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई.
डिजिटल पहल को अपनाने के साथ सुरक्षित और टिकाऊ खनन प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया. विशेषज्ञों ने तकनीकी नवाचार के जरिये खनन क्षेत्र को अधिक सुरक्षित, दक्ष और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की संभावनाओं पर विचार साझा किये.
