सुबोध कुमार मिश्रा
Chaibasa (नोवामुंडी): नोवामुंडी स्थित पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर में गुरुवार 19 मार्च को हिंदू नव वर्ष विक्रम संवत 2083 बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होने वाला यह नववर्ष प्रकृति में नवचेतना, नई फसल और शक्ति आराधना का प्रतीक माना जा रहा है. झांकी और सड़क संचालन के दौरान बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुबह के समय बड़े और भारी वाहनों के लिए नो एंट्री लागू कर दी गई थी. इससे पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ.
भारत माता वंदन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानाचार्या सीमा पालित, विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव चित्तरंजन बेहरा, सह सचिव पूनम देवी एवं कोषाध्यक्ष मालती लागुरी ने दीप जलाकर और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर की. अपने संबोधन में प्रधानाचार्या सीमा पालित ने विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया.
झांकियों ने मोहा मन, छोटे बच्चों बने आकर्षण का केंद्र
इस अवसर पर भैया-बहनों ने डॉ केशव बलिराम हेडगेवार, भारत माता, मां दुर्गा, भगवान श्रीराम, महर्षि गौतम, ब्रह्मा जी, झूलेलाल (वामन अवतार) और स्वामी दयानंद सरस्वती का वेश धारण कर आकर्षक झांकियां प्रस्तुत कीं. स्कूली छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत झांकियां पूरे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं. लोगों ने बच्चों की सराहना की. बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में अत्यंत सुंदर एवं मनमोहक लग रहे थे. कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यगण, आचार्य/दीदीजी एवं सभी भैया-बहनों की उपस्थिति रही. यह आयोजन सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का उदाहरण बनकर उभरा.
ये भी पढ़ें…
नीरज कुमार बने रांची के डिप्टी मेयर, महापौर रोशनी खलखो ने लिया शपथ
अनिश हत्याकांड: वारदात के 12 दिन बाद भी खाली हाथ चतरा पुलिस, परिजन परेशान
