घर लौट रहा था युवक, तभी ट्रेन से उतरते वक्त फिसला पैर, और फिर...

सोनुआ रेलवे स्टेशन पर बिलासपुर-टाटा एक्सप्रेस से उतरते समय एक व्यक्ति की गिरकर मौत हो गई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

सोनुआ: ट्रेन से उतरने के दौरान अगर आपभी हड़बड़ी में रहते हैं तो इस खबर से सीख लेने की जरूरत है. आज की आपाधापी वाली जीवनशैली में सभी समय बचाने में लगे रहते हैं. लेकिन, सावधानी हटी दुर्घटना घटी वाली कहावत इसलिए बनी है. ट्रेन से उतरने के दौरान सोनुआ रेलवे स्टेशन पर एक एैसी घटना सामने आयी है.

सोनुआ रेलवे स्टेशन परिसर में पोल संख्या 332/26 और 332/28 के बीच रविवार सुबह ट्रेन से गिरकर 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गयी. मृतक की पहचान सोनुआ के बनुआ गांव निवासी सुचंद्र प्रधान के रूप में हुई है.

स्टेशन पर उतरने के दौरान ट्रेन की चपेट में आया युवक

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, सुचन्द्र प्रधान ट्रेन से रायगढ़ से सोनुआ लौट रहे थे. इसी क्रम में, बिलासपुर-टाटा एक्सप्रेस सोनुआ स्टेशन पर रुकी, जहां उतरने के दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया. जिससे वे चलती ट्रेन की चपेट में आ गए. मौके पर ही उनकी मौत हो गयी.

घटना की सूचना मिलते ही परिजन तुरंत सोनुआ रेलवे स्टेशन पहुंचे. वहीं, रेलवे सुरक्षा बल के जवान भी मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लेकर जीआरपी को सूचित किया. जीआरपी की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया जायेगा. इस अचानक हुए हादसे से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

यात्रा के दौरान बरतने वाली आवश्यक सावधानियां

ट्रेनों में सफर के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है. ऐसे हादसों से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियों का विशेष ध्यान रखें:

  • ट्रेन के पूरी तरह रुकने का इंतजार करें : चलती ट्रेन से कभी भी उतरने या चढ़ने का प्रयास न करें. ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह रुकने के बाद ही अपनी सीट या डिब्बे से बाहर आएं.
  • जल्दबाजी से बचें : स्टेशन पर उतरते समय जल्दबाजी न करें. यदि ट्रेन कम समय के लिए रुकती है, तब भी संयम रखें और सुरक्षित तरीके से उतरें.
  • सामान को व्यवस्थित रखें : भारी लगेज के साथ उतरते समय संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है. अपने सामान को संभाल कर रखें.
  • दरवाजों के पास खड़े न रहें : चलती ट्रेन में सफर के दौरान खुले दरवाजों या पायदान पर खड़े होने से बचें.

रेल प्रशासन द्वारा की जानें वाली कार्रवाई

1. कानूनी प्रावधान और रेलवे अधिनियम

  • धारा 156 के तहत कार्रवाई: भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 156 के अनुसार, यदि कोई यात्री ट्रेन के पायदान, गेट, छत या किसी अन्य अनधिकृत हिस्से पर बैठकर या खड़े होकर यात्रा करता पाया जाता है, तो यह दंडनीय अपराध है.
  • जुर्माना और सजा: ऐसा करते पकड़े जाने पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) या टिकट कलेक्टर (TTE) द्वारा यात्री पर ₹500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है या फिर 3 महीने तक की जेल, अथवा दोनों की सजा हो सकती है.

2. ऑन-द-स्पॉट चालान और कार्रवाई

  • आरपीएफ और टीटीई की निगरानी: स्टेशनों या चलती ट्रेनों में चेकिंग के दौरान आरपीएफ के जवान और टीटीई गेट पर यात्रा कर रहे यात्रियों को तुरंत नीचे उतारते हैं और उनका चालान काटते हैं.
  • समझाइश और चेतावनी: पहली बार या कम गंभीर स्थिति में यात्रियों को हिदायत देकर अंदर भेजा जाता है, लेकिन बार-बार मना करने या हुड़दंग करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है.


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लेखक के बारे में

By सूरज कुमार गुप्ता

सूरज कुमार गुप्ता पिछले 25 वर्षों से प्रिंट मीडिया में एक्टिव है. वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत की. राजनीतिक व सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर पत्रकारिता करना इनकी रुचि में शामिल है. सामाजिक कार्यो में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2007 में इन्हें भारत सरकार की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया था.

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