Chaibasa News : कमाल के बच्चे, आंखों पर पट्टी बांधकर साइकिल चलायी

चाईबासा की गितिलपी रेलवे लाइन कॉलोनी में रविवार को धम्मा मेडिटेशन व योग केंद्र में आंखों में पट्टी बांध कर खेलकूद व अन्य आयोजन किये गये

चाईबासा. चाईबासा की गितिलपी रेलवे लाइन कॉलोनी में रविवार को धम्मा मेडिटेशन व योग केंद्र में आंखों में पट्टी बांध कर खेलकूद व अन्य आयोजन किये गये. इस दौरान बच्चों ने मेडिटेशन व योग की मदद से आंखों पर पट्टी बांधकर साइकिल चलायी, फुटबॉल खेला, हांडी फोड़ और लूडो खेल दिखाया. यह देख अतिथि व अभिभावक आश्चर्य चकित रह गये. बच्ची कनिका किंजल गोप ने आंखों पर पट्टी बांधकर किताब पढ़ी. योग प्रशिक्षक शत्रुघ्न आचार्य ने बताया कि यह कोई चमत्कार नहीं है. योग और ध्यान के माध्यम से शरीर व मन में विकसित संतुलन है. उन्होंने कहा कि ध्यान की साधना से अवचेतन मन जागृत होता है, जिसके कारण बच्चे बिना आंखों के आसपास की गतिविधियों को महसूस कर सकते हैं. मुख्य अतिथि सनशाइन पब्लिक स्कूल बंदगांव के निदेशक जितेंद्र कुमार ने कहा कि बच्चों का योग कला देखकर महसूस हुआ कि निरंतर प्रयास से असंभव लगने वाला लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है. मेडिटेशन प्रशिक्षक कृष्ण मोहन ने कहा कि मिड ब्रेन एक्टिवेशन या थर्ड आइ एक्टिवेशन से संभव हुआ है. रविंद्र बाल संस्कार स्कूल असुरा के निदेशक सिकंदर बुड़ीउली ने कहा कि योग मिश्रित गतिविधियों से शिक्षा के क्षेत्र में एकाग्रता बढ़ाया जा सकता है. मौके पर विद्यार्थियों भास्कर बिरुली, नाइस बानरा, चंद्राकृति, बबलू पिंगुवा, निहारिका पिंगुवा व जया पुरती को बेहतरीन प्रस्तुति के लिए पुरस्कृत भी किया गया. इस अवसर पर शिक्षक मंगल सिंह मुंडा, यदुनाथ तियू, लक्ष्मी पिंगुवा, योग केंद्र के संचालक लखिंद्र बुड़ीउली, इंदिरा बुड़ीउली आदि उपस्थित थे.

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Author: ATUL PATHAK

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