मनोहरपुर.
सारंडा के कंपार्टमेंट संख्या-36 में मिले घायल हाथी को तीसरे दिन भी ट्रैंकुलाइज नहीं किया जा सका. बुधवार को गिंडुम गांव के पास नाले में मिले हाथी को निकालने के लिए वन विभाग, स्थानीय ग्रामीण और मेडिकल टीम ने करीब 10 घंटे प्रयास किए, लेकिन सुरक्षित और समतल स्थान न होने के कारण यह संभव नहीं हो पाया. वनतारा की टीम ने हाथी को एंटीबायोटिक और दर्द निवारक इंजेक्शन दिया. गुरुवार को फिर से ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित स्थान पर लाने की कोशिश की जायेगी. मौके पर पोड़ाहाट डीएफओ नीतीश कुमार, आइएफएस प्रशिक्षु अनुराधा मिश्रा, प्रशांत भविष्यकर, रेंज अधिकारी रामनंदन राम, थाना प्रभारी अमित खाखा, दो महावत तथा वनतारा की 8 सदस्यीय टीम मौजूद थी.आइडी की चपेट में आकर घायल हुई मादा हाथी
मनोहरपुर के पशु चिकित्सक डॉ. संजय घोलटकर ने बताया कि घायल हाथी के बेहतर इलाज के लिए उसका ट्रेंकुलाइजेशन करना आवश्यक है, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से उपचार दिया जा सके. हाथी को तलाशने और ट्रेस करने में वन विभाग की टीम को हर दिन कठिन प्रयास करने पड़ रहे हैं. क्योंकि उसके पैर से लगातार खून बह रहा है. रविवार को सूचना मिली थी कि सारंडा में एक हाथी आइडी की चपेट में आकर घायल हो गया है. सोमवार को वन विभाग ने रेस्क्यू कर केला में डॉ. घोलटकर की मदद से दवा दी. मंगलवार को राउरकेला की चिकित्सा टीम ने लौकी में दवा भरकर दी. बुधवार को वनतारा की टीम ने इंजेक्शन देकर उपचार किया गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
