राशन वितरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डेटाबेस से हटेंगे अयोग्य लोग

आहार दिवस, नशा मुक्ति अभियान एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल

चाईबासा.

झारखंड के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने सभी प्रखंड अधिकारियों को संदिग्ध आधार संख्या, डुप्लीकेट राशन कार्ड और इ-केवाइसी से वंचित अपात्र लोगों को जांच कर डेटाबेस से तुरंत हटाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल और केवल पात्र परिवारों को ही मिलना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की विसंगति बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यह निर्देश उन्होंने गुरुवार को पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक में दिया.

लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई

सचिव ने कहा कि राशन कार्ड प्रबंधन और सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए नियमित रूप से विशेष अभियान चलाया जाए. उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि प्रत्येक माह निर्धारित तिथि से पूर्व खाद्यान्न का उठाव और डोर-स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित हो. राशन वितरण प्रणाली में तकनीक आधारित निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए. समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों तक खाद्य सुरक्षा पहुंचाना प्राथमिकता है, अतः वितरण में लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी.

उत्कृष्ट कार्य करने वाले जविप्र विक्रेता हुए सम्मानित

बैठक के दौरान जहां एक ओर कड़े निर्णय लिए गए, वहीं दूसरी ओर बेहतर कार्य करने वाले हितधारकों की पीठ भी थपथपायी गयी. सचिव एवं उपायुक्त मनीष कुमार के हाथों 10 लाभार्थियों को ग्रीन राशन कार्ड और 10 जरूरतमंद परिवारों को धोती-साड़ी-लूंगी का वितरण किया गया. इसके साथ ही, जनवितरण प्रणाली के माध्यम से उत्कृष्ट सेवा देने वाले 36 पीडीएस दुकानदारों और दाल-भात केंद्र के संचालकों को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया. बैठक में दो दिवंगत जविप्र विक्रेताओं के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर राशन वितरण का लाइसेंस सौंपा गया.

चाईबासा के ””””आहार दिवस”””” मॉडल की सराहना, जिला को नशामुक्त करने का संकल्प

समीक्षा के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार ने जिले में हर महीने की 8 और 24 तारीख को आयोजित होने वाले आहार दिवस की सफलता की जानकारी दी. इस मॉडल की सराहना करते हुए सचिव ने इसे पूरे राज्य के लिए एक प्रभावी उदाहरण बताया. बैठक के अंत में सभी अधिकारियों ने जिले को नशामुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया और जागरुकता फैलाने के लिए एक विशेष प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. बैठक के समापन के बाद सचिव ने चाईबासा सदर प्रखंड के दाल-भात केंद्र, एसएफआई गोदाम और मतकमहातु पंचायत भवन का औचक निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए. बैठक में उपायुक्त मनीष कुमार, उत्कर्ष कुमार, किस्टो कुमार बेसरा, सुनीला खलको, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, एजीएम, डीएसडी एजेंसी के प्रतिनिधि, जनवितरण प्रणाली के दुकानदार एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.

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Author: ATUL PATHAK

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