चाईबासा: टोंटो प्रखंड की कोंदवा पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के क्रियान्वयन में लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. पहली किस्त की राशि मिलने के बावजूद 16 लाभुकों ने अब तक आवास निर्माण का काम शुरू नहीं किया है.
शनिवार को पीएमएवाई-जी के जिला समन्वयक मौ. सरफराज ने पंचायत का सघन क्षेत्र भ्रमण कर योजना की जमीनी स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान चिन्हित लाभुकों के घर पहुंचकर आवास निर्माण की प्रगति की जानकारी ली गयी. कई लाभुकों के घरों में ताला लटका मिला, जिससे उनसे मौके पर बातचीत नहीं हो सकी. वहीं, जिन लाभुकों से मुलाकात हुई, उनसे निर्माण शुरू नहीं करने की वजह और व्यावहारिक परेशानियों की जानकारी ली गयी.
लाभुकों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने का निर्देश
जिला समन्वयक ने मौके पर मौजूद पंचायत सचिव विपिन कुम्हार और प्रखंड समन्वयक जीत सिंह जोजो को निर्देश दिया कि सभी चिन्हित लाभुकों से संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाये.
उन्होंने कहा कि लाभुकों को आवास निर्माण शुरू कराने में हरसंभव सहयोग दिया जाये, ताकि योजना का उद्देश्य समय पर पूरा हो सके. प्रशासन अब केवल राशि जारी होने को उपलब्धि नहीं मान रहा, बल्कि किस्त मिलने के बाद निर्माण की वास्तविक प्रगति की भी निगरानी कर रहा है.
दूसरी किस्त के बाद भी अधूरा आवास देख जतायी नाराजगी
निरीक्षण के दौरान कुछ ऐसे लाभुक भी मिले, जिन्होंने दूसरी किस्त की राशि प्राप्त करने के बाद भी आवास निर्माण पूरा नहीं किया है. जिला समन्वयक ने ऐसे लाभुकों को निर्माण कार्य में तेजी लाकर जल्द आवास पूरा करने की कड़ी हिदायत दी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी राशि मिलने के बाद निर्माण कार्य को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जायेगा. प्रशासन का उद्देश्य है कि पीएम आवास योजना का लाभ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को समय पर पक्का और सुरक्षित मकान मिल सके.
मुखिया व मुंडा से मांगा सहयोग, होगी विशेष ग्रामसभा
निरीक्षण के बाद जिला समन्वयक ने पंचायत के मुखिया और मुंडा से भी मुलाकात कर योजना को गति देने में सहयोग मांगा. उन्होंने कहा कि अगले एक-दो दिनों में विशेष ग्रामसभा आयोजित कर चिन्हित लाभुकों को आवास निर्माण के लिए प्रेरित किया जाये. साथ ही, उनकी समस्याओं का समाधान कर निर्माण कार्य शुरू कराने पर जोर दिया जाये.
प्रशासन ने संकेत दिया है कि पहली या दूसरी किस्त लेने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं करने अथवा अधूरा छोड़ने वाले लाभुकों पर अब विशेष निगरानी रहेगी. समय पर आवास पूरा होने से लाभुक परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार मिल सकेगा.
