Chaibasa News : शुरुआती ठंड में बेपरवाही से बीमार हो रहे लोग, अस्पतालों में भीड़

चाईबासा. सदर अस्पताल की ओपीडी में लग रही लंबी कतार

चाईबासा.

पश्चिमी सिंहभूम जिले में तापमान अचानक गिरने से लोग बीमार पड़ने लगे हैं. दोपहर में चिलचिलाती धूप और सुबह-शाम ठंड से लोगों में बुखार, सर्दी-खांसी और गैस की समस्या बढ़ गयी है. चाईबासा सदर अस्पताल सहित सरकारी अस्पतालों में मरीज बढ़ गये हैं. जिले में ठंड व कनकनी में बढ़ोतरी हो रही है. वहीं, लोग लापरवाह बने हुए हैं. सदर अस्पताल में बीते एक सप्ताह से मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. 7 नवंबर को 328, तो11 नवंबर को 449 और 13 नवंबर को 431 मरीज सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे. ओपीडी में डॉक्टर के चेंबर के बाहर लंबी कतार लग रही है. हालांकि अस्पताल में मरीज को देखने व दवा देने की व्यवस्था है. अस्पताल प्रबंधक ओपीडी की व्यवस्था पर नजर बनाये रहता है.

चिकित्सकों का कहना है कि ठंड का मौसम आते ही सबसे ज्यादा सर्दी-खांसी और फ्लू का कहर बढ़ता है. वायरल इंफेक्शन कम तापमान और नमी के करण तेजी से फैलता है. इस मौसम में लोग अधिकार समय घर के अंदर बिताते हैं, जिससे वायरस एक व्यक्ति से दूसरे में जल्दी फैलता है.

नोवामुंडी में बढ़ी ठंड, 8 डिग्री तक पारा पहुंचा

जगन्नाथपुर अनुमंडल क्षेत्र में नवंबर के पहले सप्ताह से ही ठंड पड़ने लगी है. नवंबर के दूसरे सप्ताह में ठंड काफी बढ़ गयी. तीसरा सप्ताह चालू होते ही रविवार को पारा 8 डिग्री पर पहुंच गया. पारा लगातार गिर रहा है. लोग रूम हीटर, पारंपरिक बोरसी और अलाव की व्यवस्था करने में लगे हैं. सुबह दस बजे तक लोग ठंड से घरों में दुबके रह रहे हैं. अहले सुबह कड़ाके की ठंड पड़ रही है. न्यूनतम तापमान 8 और अधिकतम तापमान 24 डिग्री है. शाम होते ही लोग अपने स्तर से अलाव की व्यवस्था कर ठंड से निजात पाने का प्रयास करते हैं.

इन बीमारियों के शिकार हो रहे लोग

ठंड के कारण लोग सामान्य रूप से बुखार, खांसी, बहती या भरी हुई नाक, गला खराब होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द जैसी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं.

सावधानी जरूरी

ठंड में किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए सावधानी जरूरी है. डॉक्टर ने बताया कि गर्म कपड़े पहनें. गर्म भोजन, गर्म दूध, चाय, कॉफी, गर्म पानी, और ग्रीन टी पीने से शरीर में गर्मी आती है. हरी सब्जियां खायें, ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी. वहीं, अदरक का इस्तेमाल करें. इससे शरीर गर्म होता है और पाचन क्रिया अच्छी होती है. ठंड में कानों को हमेशा ढंकना चाहिए. स्वस्थ रहने के लिए नींद बहुत जरूरी है.अस्पताल में सारी व्यवस्था को दुरुस्त रखा गया है. ठंड की शुरुआत में लोग लापरवाही से बीमार हो रहे हैं. ठंड में लापरवाही नहीं करनी चाहिए. बीमार होने के बार तुरंत नजदीकी अस्पताल में पहुंच कर इलाज करायें. अस्पताल में दवा की कोई कमी नहीं है.

– डॉ जे हेंब्रम, प्रभारी सीएचसी सदर प्रखंड चाईबासा

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