नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा
Chaibasa: लखन साईं स्थित मध्य विद्यालय नोवामुंडी बाजार इन दिनों चोरों, नशेड़ियों और अराजक तत्वों का अड्डा बन गया है. लगातार हो रही चोरी और तोड़फोड़ की घटनाओं से विद्यालय की व्यवस्था चरमरा गई है. हालात ऐसे हैं कि बच्चे भीषण गर्मी में बिना पंखों के पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जबकि विद्यालय की संपत्ति को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक के कमरों में लगे बिजली के तारों को उखाड़कर चोर चुरा ले गए. अधिकांश कमरों की बिजली व्यवस्था ठप हो चुकी है और केवल कंप्यूटर कक्ष में ही बिजली आपूर्ति उपलब्ध है. शिक्षकों और ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के तारों में तांबा होने के कारण चोर उन्हें बार-बार निशाना बना रहे हैं.
पानी की टंकी भी हो चुकी है चोरी
चोरों ने विद्यालय परिसर में लगी दो पानी की टंकियों के अलावा मुखिया फंड से निर्मित जलमीनार की टंकी भी चोरी कर ली है. चार से पांच नालों को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया है. टीएसएफ द्वारा लगाए गये सोलर जल मीनार की पाइपलाइन भी कई जगहों पर तोड़ दी गई है. नवनिर्मित भवन में लगे कई बल्ब और पानी निकासी के पाइप तक खोलकर ले जाए गए हैं. विद्यालय का रसोईघर परिसर भी असामाजिक तत्वों की हरकतों से अछूता नहीं रहा. परिसर को इतना गंदा कर दिया गया कि मध्याह्न भोजन दूसरी जगह बनाना पड़ रहा है. कई कमरों के ताले तोड़ने का भी प्रयास किया गया है.
थाने में पहले भी की गई है शिकायत
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सलोनी धनवार ने बताया कि इस संबंध में पहले भी थाना को सूचना दी जा चुकी है, लेकिन चोरी और तोड़फोड़ की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. उन्होंने कहा कि लगातार हो रही घटनाओं से विद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है और छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में तांबे की अवैध खरीद-बिक्री होने के कारण ऐसे अपराधों को बढ़ावा मिल रहा है. उनका कहना है कि कुछ नशे के आदी युवक तांबा और अन्य सामान चोरी कर बेच देते हैं और उससे मिलने वाले पैसों से नशा करते हैं. यही वजह है कि विद्यालय और अन्य सरकारी संपत्तियां लगातार निशाने पर हैं.
बच्चों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़
ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय नोवामुंडी थाना से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित है. इसके बावजूद शाम होते ही विद्यालय परिसर में गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों का जमावड़ा लग जाता है. नशेड़ी विद्यालय परिसर में बैठकर नशा करते हैं और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं. ग्रामीणों, अभिभावकों और शिक्षकों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय परिसर में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, अवैध कबाड़ी कारोबार की जांच की जाए और विद्यालय को नुकसान पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए.
लोगों का कहना है कि विद्यालय विद्या का मंदिर है. बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले हुड़दंगियों और चोरों पर अब प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी होगी. सवाल यह है कि थाना से महज 500 मीटर दूर स्थित विद्यालय में लगातार हो रही घटनाओं पर आखिर कब तक लगाम लगेगी?
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