तांतनगर.
सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के ईचा डैम को रद्द करने के लिए ग्रामीणों ने ईचा-खरकई बांध विरोधी संघ के बैनर तले सोमवार को मयूरभंज (ओडिशा) जिले के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा. बताया गया कि बांध का निर्माण संविधान के उपबंधों के असंगत है. झारखंड जनजातीय परामर्शदातृ परिषद की गठित उप समिति के निर्णय और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना से बांध बन रहा है. इसके पहले ईचा-खरकई बांध से प्रभावित ओडिशा के तिरिंग में बैठक हुई. उसके बाद संघ के उपाध्यक्ष रेयंस सामड के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया. तिरिंग प्रखंड के मुड़दा, कुलुगुटु, रामबेड़ा, डोकोडीह, चिपीडीह, बिजयबासा, नन्दुआ, मगुआ, नारगी, धोबाडीह, हिसाडीह के ग्रामीणों बैठक हुई. बैठक में बताया गया कि विस्थापित क्षेत्र के गांवों के रैयतों को तकनीकी त्रुटिपूर्ण के कारण खतियानी जमीन की मालगुजारी रसीद नहीं काटी जा रही है. उस पर विस्तार से परिचर्चा हुई. इस अवसर पर कालीचरण कालुंडिया, सीमा कालुंडिया, जगजीवन कालुंडिया, चैतन्य बास्के, मांगो गोडसोरा, दुर्गाचरण पुरती, गुलाराम मुर्मू, बाटे पुरती, बीरसिंह हेंब्रम, सनातन हेंब्रम, जयराम हेंब्रम, हरीश चंद्र सामाड, सूरजा हेंब्रम, तिरुंग पुरती, दुर्गा पुरती, चौधरी कालुंदिया, जादू बिरुली, बुदु कालुंडिया उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
