Chaibasa News : नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के दोषी को 23 साल की सजा मिली

नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में बुधवार को चाईबासा के द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश सह पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश संतोष आनंद प्रसाद की अदालत ने फैसला सुनाया.

चाईबासा/बंदगांव.

नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में बुधवार को चाईबासा के द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश सह पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश संतोष आनंद प्रसाद की अदालत ने फैसला सुनाया. कोर्ट ने बंदगांव के लोंगकाटा निवासी आरोपी डेका मुंडू उर्फ डेका मुंडा को साक्ष्य के आधार पर 23 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी. वहीं, 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. इस संबंध में 22 अप्रैल, 2022 को बंदगांव थाना में मामला दर्ज हुआ था. पुलिस ने धारा 363, 376(3), 376(2)(एन), 504, 506 भारतीय दंड संहिता एवं धारा 4/6 पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था. पुलिस ने साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से संग्रह कर न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया था. इसके आधार पर न्यायालय ने फैसला सुनाया.

राजभवन के दखल के बाद केस दर्ज कर हुई थी गिरफ्तारी

घटना के बाद बंदगांव थाना में नाबालिग के पिता 30 घंटे तक आवेदन लेकर बैठे रहे थे, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी. मीडिया में मामला आने पर झारखंड के तत्कालीन राज्यपाल रमेश बैस ने पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त से मामले की जानकारी लेकर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराकर पीड़िता को न्याय दिलाने का निर्देश दिया था. इसके बाद 22 अप्रैल, 2022 को प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था.जानकारी हो कि 17 अप्रैल, 2022 को आरोपी ने नाबालिग लड़की का अपहरण किया था. जंगल व अन्य स्थानों पर 19 अप्रैल की रात तक बलात्कार किया. इस दौरान पिता व परिवार के सदस्य लड़की की तलाश करते रहे. 20 अप्रैल को पीड़िता आरोपी की चंगुल से भागकर घर पहुंची और घटना की जानकारी दी.

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By AKASH

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