चाईबासा.
जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ मीना कालुंडिया ने शनिवार को जिले में वेक्टर बोर्न प्रोग्राम की समीक्षा बैठक की. उन्होंने सभी वीबीडी इंचार्ज को 15 नवंबर से जिले में फीवर सर्वे का निर्देश दिया. साथ ही मलेरिया की व्यापकता को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्र को तैयार रहने का निर्देश दिया. वीबीडी सलाहकार ने बताया कि भारत सरकार द्वारा आइएचआइपी. पोर्टल पर वेक्टर बोर्न संक्रमण की इंट्री करना है. फाइलेरिया रोगियों को एमएमडीपी किट उपलब्ध करवाएं ताकि हांथीपांव को बढ़ने से रोका जा सके. पोर्टल पर सभी रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर अपलोड करना सुनिश्चित करें. पिरामल फाउंडेशन के सुरजीत गोयल ने बताया कि हाइड्रोसील के लिए मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र में स्क्रीनिंग कर जिला अस्पताल भेजें ताकि उनका समय पर उपचार हो सके. साथ ही फाइलेरिया के नए मरीजों की जांच करें ताकि संक्रमण को रोका जा सके. बैठक में पिरामल फाउंडेशन द्वारा हांथीपांव के मरीजों के दिव्यांगता प्रमाणपत्र पंजीकरण का प्रशिक्षण दिया गया. बैठक में मनीष कुमार, विकास कुमार, दिनेश्वर, हरि कृष्णा मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
