चाईबासा: शनिवार को व्यवहार न्यायालय चाईबासा और चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के निपटारे का बड़ा आंकड़ा सामने आया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो शाकिर के मार्गदर्शन में आयोजित लोक अदालत में 1,33,235 मामलों का निष्पादन किया गया. इन मामलों में कुल 39 करोड़ 51 लाख 44 हजार 62 रुपये का समायोजन हुआ. एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में मामलों के निपटारे से न्यायालय परिसर में दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रही.
प्री-लिटिगेशन के 1.29 लाख मामलों का निपटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत में सबसे अधिक प्री-लिटिगेशन मामलों का निष्पादन हुआ. कुल 1,29,777 मामलों का निपटारा किया गया. इनमें राजस्व से जुड़े 1,28,108 मामले शामिल थे. इसके अलावा बैंक से संबंधित 609, ट्रैफिक चालान के 102, बीएसएनएल के 10, स्थायी लोक अदालत के 943 और उपभोक्ता न्यायालय से संबंधित पांच मामलों का भी निपटारा हुआ.
लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित मामलों को भी आपसी सहमति और सुलह के आधार पर निपटाने का प्रयास किया गया.
लंबित 3,458 मामलों में भी मिली राहत
विभिन्न न्यायालयों में लंबित कुल 3,458 मामलों का भी निष्पादन किया गया. इनमें आपराधिक शमनीय यानी कंपाउंडेबल के 2,934 मामले सबसे अधिक रहे. इसके अलावा बिजली विभाग से संबंधित 84, राजस्व के 400, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 14, कुटुंब न्यायालय के नौ और एनआई एक्ट के 17 मामलों का निपटारा किया गया.
चाईबासा में 11, चक्रधरपुर में तीन न्यायपीठों ने की सुनवाई
चाईबासा न्यायालय में 11 और चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में तीन न्यायपीठों ने मामलों की सुनवाई की. चाईबासा में कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सूर्य भूषण ओझा, एडीजे-1 विनोद सिंह, एडीजे-2 संतोष आनंद प्रसाद, एडीजे-3 पीयूष श्रीवास्तव, सीजेएम अक्षत श्रीवास्तव, डालसा सचिव रवि चौधरी समेत अन्य न्यायिक पदाधिकारियों की पीठ ने मामलों का निष्पादन किया.
वहीं चक्रधरपुर में एडीजे-1 अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कृष्णा लोहरा और पोड़ाहाट अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी अंकित कुमार सिंह की न्यायपीठ ने मामलों की सुनवाई की. राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों के निपटारे से संबंधित पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली.
