हाटगम्हारिया (चाईबासा): पश्चिमी सिंहभूम जिले के हाटगम्हारिया प्रखंड अंतर्गत रुईया गांव के बागुन बांध साई में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. सोमवार देर रात करीब 12 बजे हाथियों के झुंड ने गांव में घुसकर किसान मिचु पिंगुवा के घर पर हमला कर दिया. हाथियों ने घर का दरवाजा तोड़ते हुए मकान के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया. साथ ही घर में रखा करीब 3 से 4 क्विंटल धान खा गए और बाकी बचा धान बर्बाद कर दिया.
ग्रामीणों में दहशत का महौल
घटना के समय मिचु पिंगुवा दूसरे घर में सो रहे थे, जिससे उनकी जान बच गई. हालांकि इस घटना में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. हाथियों की लगातार आवाजाही से पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है. ग्रामीण रातभर जागकर पहरेदारी करने को मजबूर हैं, क्योंकि उन्हें हर समय हाथियों के दोबारा गांव में प्रवेश करने का डर बना रहता है.
ग्रामीणों के अनुसार हाथियों का झुंड गांव से सटे पुम्पुलुई डैम के किनारे स्थित जंगल में डेरा जमाए हुए है. वहां से निकलकर हाथी आसपास के खेतों में पहुंच रहे हैं और धान की रोपाई वाली फसलों को भी लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं. इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है और क्षेत्र के लोग चिंतित हैं.
'परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए'
जिला परिषद सदस्य प्रमिला पिंगुवा ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वन विभाग को ऐसे मामलों में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. उन्होंने कहा कि भले ही ग्रामीणों की ओर से तत्काल सूचना नहीं दी गई हो, लेकिन वन विभाग द्वारा गठित ग्राम स्तरीय वन समितियों के माध्यम से नियमित रूप से क्षेत्र की जानकारी ली जानी चाहिए. साथ ही प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए तथा हाथियों के आतंक से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं.
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को आबादी वाले क्षेत्र से सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने, नियमित निगरानी रखने तथा किसानों की फसलों एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.
