LIC पॉलिसी धारक को मृत बता हड़पी राशि, एजेंट दंपती गये जेल

चाईबासा में जीवित पॉलिसी धारक को मृत बताकर एलआइसी की राशि हड़पने वाले एजेंट और उसकी पत्नी को कोर्ट ने सुनाई जेल की सजा. जानें पूरा मामला.

प्रतिनिधि, चाईबासा

जीवित पॉलिसी धारक को कागजों में मृत घोषित कर एलआइसी (भारतीय जीवन बीमा निगम) से फर्जी तरीके से रुपये की निकासी के मामले में चाईबासा कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अक्षत कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने दोषी एलआइसी अभिकर्ता (एजेंट) दीपक कुमार गुप्ता को 4 साल की सजा और 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. उसे जेल भेज दिया गया है. वहीं, फर्जी नॉमिनी बनी उसकी पत्नी सुनैना गुप्ता को 2 साल की सजा व 8 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया.

जिंदा ग्राहक का बनाया फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र

मामला चाईबासा एलआइसी शाखा का है. इस संबंध में 4 जनवरी, 2017 को शाखा प्रबंधक मणिशंकर प्रसाद ने सदर थाने में धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज करायी थी. उन्होंने बताया कि एजेंट दीपक गुप्ता (निवासी छोटा नीमडीह) ने जीवित पॉलिसी धारक ओम प्रकाश साव का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया. इसके बाद अपनी पत्नी सुनैना गुप्ता को फर्जी नॉमिनी अहिल्या देवी बनाकर पेश किया.

ऐसे खुला धोखाधड़ी का राज

आरोपी ने 15 दिसंबर, 2016 को ग्रामीण बैंक की सिंहपोखरिया शाखा के खाते में एनइएफटी के जरिए 1,27,803 रुपये का मृत्यु दावा भुगतान करवा लिया. 2 जनवरी, 2017 को पॉलिसी धारक के भाई जब एलआइसी कार्यालय पहुंचे, तब फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ. उन्होंने बताया कि ओम प्रकाश साव जीवित हैं. एलआइसी द्वारा बैंक खाते की त्वरित जांच कराने पर सामने आया कि एजेंट ने अपनी पत्नी को फर्जी नॉमिनी बनाकर राशि हड़पी थी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दंपती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.


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