किचेन में महंगाई की मार! चीनी-प्याज के बाद तेल ने बढ़ाई टेंशन, जानें सामानों के नए रेट

खाद्य पदार्थों, सब्जियों और तेल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. चीनी, प्याज, और तेल के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे गृहिणियां बेहद परेशान हैं. जानिए पूरी रिपोर्ट.

जैंतगढ़: खाद्य पदार्थों, सब्जियों और तेल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. महंगाई की मार से गृहिणियां परेशान हैं और अब खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रही हैं. चीनी की बढ़ती कीमत ने मिठास में कड़वाहट घोल दी है, तो प्याज के बढ़े दाम लोगों को रुला रहे हैं. वहीं, मिर्च और तेल की कीमतों ने भी किचेन का जायका बिगाड़ दिया है.

चीनी के दाम बढ़े, रसोई का बजट बिगड़ा

पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों की परेशानी अब चीनी की बढ़ती कीमत ने और बढ़ा दी है. स्थानीय बाजार के दुकानदारों के अनुसार, करीब दो सप्ताह पहले चीनी 45 से 50 रुपये प्रति किलो बिक रही थी. अब इसकी कीमत बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में चीनी 80 रुपये प्रति किलो तक बिकने की बात कही जा रही है.

दुकानदारों का कहना है कि पर्व का सीजन शुरू होने वाला है. ऐसे में आने वाले दिनों में चीनी की कीमत और बढ़ सकती है और इसके 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने का अनुमान जताया जा रहा है.

प्याज के दाम भी बढ़े

प्याज की कीमत में भी तेजी देखी जा रही है. दुकानदारों के अनुसार, एक सप्ताह पहले प्याज 25 से 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, जो अब बढ़कर 60 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में प्याज की कीमत 70 रुपये प्रति किलो तक बतायी जा रही है.

गुड़ भी हुआ महंगा

चीनी के साथ गुड़ की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है. बाजार में गुड़ 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है.

गृहिणियों ने कहा- घर चलाना मुश्किल

गृहिणी बाजमती तिरिया ने कहा कि तेल, प्याज, सब्जी, चावल और दाल समेत हर चीज के दाम बढ़ गए हैं. इससे घर का बजट करीब डेढ़ गुना तक बढ़ गया है. ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो गया है.

एसआई कुमारी ने कहा कि पर्व का दौर शुरू होने वाला है. ऐसे समय में चीनी, प्याज और तेल के दाम बढ़ने से पर्व का उत्साह भी फीका पड़ रहा है. महंगाई के कारण किचेन का जायका पहले ही बिगड़ चुका है.

सुषमा देवी ने कहा कि आखिर कौन सी चीज सस्ती है. मध्यम वर्ग के लिए जीवन मुश्किल होता जा रहा है. आमदनी घट रही है और खर्च लगातार बढ़ रहा है. इसका असर घर के माहौल पर भी पड़ रहा है.

प्रियंका देवी ने कहा कि महंगाई ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. थाली से सब्जी गायब हो रही है और गरीब परिवारों में चाय की चुस्की भी महंगी हो गई है. खाद्यान्न के साथ तेल, घी, प्याज, चीनी और गुड़ के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं.

बाजार मूल्य एक नजर में

  • लाल मिर्च: 280 रुपये किलो
  • हरी मिर्च: 230 रुपये किलो
  • धनिया पत्ती: 250 रुपये किलो
  • लहसुन: 180 से 260 रुपये किलो
  • अदरक: 220 से 260 रुपये किलो
  • मसूर दाल: 85 से 95 रुपये किलो
  • रहड़ दाल: 135 से 160 रुपये किलो
  • मूंग दाल: 115 से 140 रुपये किलो
  • चना: 80 से 90 रुपये किलो
  • मटर: 60 से 70 रुपये किलो
  • रिफाइन तेल: 220 से 300 रुपये किलो
  • सरसों तेल: 200 से 250 रुपये किलो
  • सोयाबीन बड़ी: 110 से 200 रुपये किलो
  • जीरा: 280 से 300 रुपये किलो
  • गोलकी: 1100 से 1200 रुपये किलो
  • छोटी इलायची: 2300 से 2500 रुपये किलो
  • बड़ी इलायची: 1200 से 1500 रुपये किलो
  • चावल: 50 से 100 रुपये किलो
  • अरवा चावल: 50 से 100 रुपये किलो
  • बासमती चावल: 180 से 250 रुपये किलो

होटलों और चाट-पकौड़े के कारोबार पर भी असर

बढ़ती कीमतों का असर होटल और छोटे खाद्य कारोबार पर भी पड़ रहा है. स्थानीय स्तर पर बताया गया कि होटलों में चाय की कीमत बढ़कर 20 रुपये कप हो गई है. वहीं, होटलों से प्याजी भी गायब होने लगी है. कई चाट-पकौड़े और टी स्टॉल संचालकों के सामने कारोबार बंद करने की स्थिति बन रही है.

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लेखक के बारे में

By भूमि शर्मा

भूमि शर्मा पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में वह मुख्य रूप से जमशेदपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों की खबरों को कवर करती हैं. इससे पहले वह एजुकेशन बीट और झारखंड बीट पर भी काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने शैक्षणिक बदलावों और राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर लेखन किया है.

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