Chaibasa News : आदिवासी-मूलवासी के लिए घातक है पेसा कानून : चंपाई

पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना

चाईबासा. पेसा कानून, सारंडा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, चाईबासा में नो एंट्री और सेरेंगसिया शहीद दिवस के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन मंगलवार को राज्य सरकार पर हमला बोला. उन्होंने चाईबासा परिसदन में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं व सेरेंगसिया के ग्रामीणों के साथ बैठक की. बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि जो पैसा कानून हेमंत सरकार लायी है, वह आदिवासियों-मूलवासियों को नुकसान पहुंचा रहा है. उनका अस्तित्व खतरे में आ गया है. सरकार ने आदिवासी- मूलवासी के हक पर कुठाराघात किया है. अधिसूचना में परंपरागत सुशासन व्यवस्था से अलग वैकल्पिक व्यवस्था दी गयी है, वह यहां के लोगों के लिए घातक साबित हो रही है.

डीसी और बीडीओ को मिला अधिकार गलत

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि डीसी और बीडीओ को मिला अधिकार पूरी तरह गलत है. सीएनटी और एसपीटी एक्ट में सब कुछ ग्राम सभा के अधीन था. पलामू में हिंडाल्को को कोल ब्लॉक आवंटन मामले पर सरकार को घेरा. जिस दिन पेसा कानून पास हुआ, उसी दिन हिंडाल्को को कोल ब्लॉक का आमंत्रण किया गया. उससे जंगल को क्षति की भरपाई के लिए शेड्यूल एरिया यानी कोल्हान में नोवामुंडी में 850 एकड़ जमीन दे दी गयी. ग्राम सभा से पूछा तक नहीं गया. क्या यही आबुआ राज है.

सारंडा जंगल में रहने वालों के लिए कोर्ट नहीं गयी, पर माइंस बचाने को चली गयी

सारंडा को वाइल्डलाइफ सेंचुरी बनाने के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां जंगल में हजारों परिवार रहते हैं. उनके लिए सरकार कभी कोर्ट नहीं गयी. माइंस बचाने के लिए अदालत पहुंच गयी. 02 फरवरी को होने वाले सेंरेंगसिया शहीद दिवस कार्यक्रम में स्थानीय समिति ने चंपाई सोरेन को आमंत्रित किया है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के लोग शहीद स्मारक समिति के लोगों पर कार्यक्रम स्थगित करने के लिए दबाव बना रहे हैं. उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है.

चाईबासा में फ्लाइ ओवर क्यों नहीं बना रही सरकार

चाईबासा में नो एंट्री के मुद्दे पर श्री सोरेन ने कहा कि यदि लोगों को परेशानी है, तो सरकार यहां फ्लाई ओवर क्यों नहीं बना रही है

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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