रातभर हुई मूसलाधार बारिश ने चाईबासा में तबाही मचा दी. सुबह लोगों की नींद खुली तो घरों में पानी भरा हुआ था. कुछ ही घंटों में चार परिवारों के मकान ढह गए. शहर की कई सड़कें पानी में डूब गईं, गुरुद्वारा में कमर तक पानी भर गया और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा. सड़कें बनीं नदी, कई इलाकों में यातायात ठप
बारिश के कारण गाड़ीखाना से स्टेशन जाने वाले गुरुद्वारा मार्ग पर पानी बहने लगा है. सड़क के ऊपर से पानी गुजरने के कारण इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है. गुरुद्वारा परिसर में भी कमर तक पानी भर गया है.
वहीं, डीआईजी आवास के पास स्थित सड़क पर भी भारी जलजमाव हो गया है. लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. दूसरी ओर, रोरो नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है.
सुबह अचानक बढ़ा पानी, चार परिवारों के मकान ढहे
बारिश का सबसे ज्यादा असर अमला टोला में देखने को मिला. यहां नाले का पानी ओवरफ्लो होने के बाद चार घर ढह गए. इस हादसे में बुधन देवगम, चारू कुंकल, जेना कुंकल और जितेन देवगम के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए.
ग्रामीणों के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब पांच से छह बजे के बीच अचानक नाले का जलस्तर बढ़ गया और पानी घरों में घुसने लगा. स्थिति बिगड़ती देख परिवार के लोग घरों से बाहर निकल गए. कुछ ही देर बाद मकान ढह गए और घरों के अंदर रखा सामान मलबे में दब गया.
पीड़ित बुधन देवगम ने बताया कि सुबह अचानक घर में पानी घुस गया. परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन कुछ ही देर बाद उनका मकान ढह गया.
धर्मशाला में ठहराए गए परिवार
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. एसडीओ संजय कुमार, सीओ उपेंद्र कुमार, नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी संतोषनी मुर्मू और नगर परिषद के उपाध्यक्ष विकास कुमार शर्मा ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया.
प्रशासन ने सभी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते हुए खिरवाल धर्मशाला में ठहराने की व्यवस्था की है. यहां बच्चों समेत एक दर्जन से अधिक लोगों को आश्रय दिया गया है. उनके लिए भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है.
बच्चों को पहुंचाया गया अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी राहत कार्य में जुटी हुई है. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शिवचरण हांसदा के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने प्रभावित परिवारों का स्वास्थ्य परीक्षण किया.
चार से पांच छोटे बच्चों को बेहतर देखभाल के लिए सदर अस्पताल के एमटीसी वार्ड में भर्ती कराया गया है. लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है.
