जैंत गढ़: चक्रवातीय वर्षा और अतिवृष्टि ने एक बार फिर किसानों को परेशान किया है. पहले ही देर से बारिश होने के कारण खेती कार्य पिछड़ गया था. जुलाई के शुरू होते ही बारिश होने से किसानों की आस जागी. किसान बिचड़ा तैयार कर रोपनी का काम किए. कुछ खेतों में अभी भी बिचड़े पड़े हैं. अतिवृष्टि के कारण तैयार बिचड़ा नष्ट हो गया है. जिन खेतों में तीसरे चौथे सप्ताह में रोपनी की गई थी अधिक पानी के बहाव के कारण फसल बह गई.
इधर चक्रवातीय बारिश छूटने के बाद किसान एक बार फिर से खेती कामों में जुट गए है. कुछ लोग दोबारा रोपनी कर रहे है।तो कुछ अपने काम को शुरू कर रहे है.
भारतीय किसान संघ के प्रखंड अध्यक्ष पूर्ण चंद पिंगुआ ने बताया
चक्रवाती वर्षा के बाद खेती के कामों में तेजी आ गई है. निराशा किसानों में आशा की किरण जाग उठी है. एक साथ सभी खेतों में काम लग गया है. दिन भर खेतों में रौनक रहती है. दैनिक बाजार और साप्ताहिक हाटों में सन्नाटा पसरा रहता है.
किसान मित्र निवास तिरिया ने बताया
खेतों में पूरा परिवार उमड़ पड़ रहा है. एक साथ सभी खेतों में काम लगने के कारण मजदूरों का टोटा हो गया है. लोगों को खुद से पूरे परिवार के साथ काम करना पड़ रहा है. कुछ लोग ओडिसा से मजदूर लाकर काम चला रहे हैं.
खेतों में कही ट्रैक्टर लगा कर जमीन तैयार कर कादो किया जा रहा है. कहीं बिचड़े तैयार किए जा रहे है. कही रोपनी किया जा रहा है तो कहीं निकोनी का काम शुरू हो चुका है.
बारिश और खेती कामों में आई तेजी का प्रतिकूल असर बाजार पर पड़ा है. जुलाई शुरू होते ही बाजार बैठ गया है. जैंत गढ़ दैनिक बाजार और साप्ताहिक हाट की हालत दयनीय होने से दुकानदारों की हालत पतली हो गई है.
