Chaibasa News : झुंड से भटके हाथी ने पांच गांवों में फसलें रौंदीं, घरों से धान खाया और हड़िया पी गया
हाथियों से जान व माल की रक्षा के लिए पहरा दे रहे हैं ग्रामीण
By ATUL PATHAK | Updated at :
जैंतगढ़. पश्चिमी सिंहभूम जिले के दीदीबुरु जंगल के आसपास के ग्रामीण इन दिनों खौफ के साये में जीने को विवश हैं. अपने झुंड से भटका एक विशालकाय हाथी पिछले चार दिनों से क्षेत्र में डेरा डाले हुए है. मंगलवार की रात हाथी ने कुंद्रीझोर और कॉलमसही सहित कई गांवों में जमकर उत्पात मचाया, जिससे किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है.
सब्जी की खेती और फसलों को किया बर्बाद:
जानकारी के अनुसार, हाथी सबसे पहले कुंद्रीझोर गांव में पहुंचा. यहां कृष्ण सिंकु के बागान में घुसकर बैंगन, टमाटर और गोभी की सब्जियों को रौंद दिया और चट कर गया. इसके बाद हाथी ने सुनील तिरिया के खेतों का रुख किया, जहां खेसारी और अरहर की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया.
घरों में घुसकर मचाया उत्पात:
फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद हाथी कुंद्रीझोर की गीता तिरिया के घर के पिछले दरवाजे पर दस्तक देते हुए कॉलमसही की ओर निकल गया. कॉलमसही में शिव शंकर तिरिया और रसिका हिस्सा के घरों को निशाना बनाया. हाथी ने न केवल आंगन में रखे धान के पुडा से धान खाया, बल्कि घर में रखी हड़िया को पी गया.
रातभर सो नहीं पा रहे ग्रामीण
ग्रामीण ने बताया कि हम रात भर सो नहीं पा रहे हैं. हाथी कभी भी किसी के घर की दीवार तोड़ दे रहा है. हम लोग अपने स्तर से टीन पीटकर और शोर मचाकर उसे भगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह वापस आ जाता है.
प्रशासन से मुआवजे की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से गुहार लगायी है कि हाथी को जल्द से जल्द सुरक्षित जंगल में खदेड़ा जाये. जिन गरीब किसानों की फसलें और घर तबाह हुए हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाये. फिलहाल, ग्रामीण अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही रात-रात भर जागकर पहरा दे रहे हैं.
इन गांवों में बना है दहशत का माहौल
ग्रामीणों ने बताया कि हाथी पिछले चार दिनों से दीदी बरु जंगल को अपना ठिकाना बनाए हुए है. दिन भर जंगल में रहने के बाद शाम होते ही वह भोजन की तलाश में गांवों की ओर निकल पड़ता है. वर्तमान में कुंद्रीझोर, कॉलमसही, सिंघा बेड़ा, तेंटूडीपोसी और जोड़ा पोखर जैसे गांवों में हाथी का विचरण जारी है.