जैंतगढ़: चंपुआ वन क्षेत्र के विभिन्न गांवों में विगत दो दिनों से हाथियों और जंगली सूअरों का भारी आतंक जारी है, जिससे किसानों की नींद उड़ गयी है. जंगली जानवरों ने क्षेत्र में जमकर तबाही मचाते हुए किसानों की सालों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. हाथियों और सुअरों के इस तांडव से ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है.
बलियादीप और गुदुली गांव में हाथियों की भारी तबाही
बुधवार देर रात हाथियों के एक उग्र झुंड ने बलियादीप गांव में धावा बोलकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया. हाथियों ने गांव में लगे मक्के के बागान और सब्जी की फसलों को पूरी तरह रौंद कर नष्ट कर दिया. ग्रामीणों द्वारा काफी मशक्कत के बाद खदेड़ने पर ये हाथी झारखंड की सीमा की ओर भाग निकले. इससे पहले मंगलवार रात को भी हाथियों के झुंड ने गुदुली गांव में जमकर उत्पात मचाया था.
गोधुली गांव के किसानों का फूटा गुस्सा
लगातार हो रहे नुकसान से गुस्साए गोधुली गांव के ग्रामीण और पीड़ित किसान सीधे चंपुआ फॉरेस्ट ऑफिस पहुंचे. किसानों ने फॉरेस्ट ऑफिसर सागरराज नायक को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय और उचित मुआवजे की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि गोधुली गांव मक्का और कंदमूल (रतालू) की खेती के लिए जाना जाता है, जहाँ की करीब 80 प्रतिशत आबादी अपनी आजीविका के लिए इन्हीं फसलों पर निर्भर है. फसलों के बर्बाद होने से किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है.
हाथियों के साथ जंगली सूअरों का भी आतंक जारी
फसलों को सिर्फ हाथियों ने ही नहीं, बल्कि पिछले एक सप्ताह से लगातार जंगली सूअरों के झुंड ने भी भारी नुकसान पहुंचाया है. मक्का और कंदमुला की फसलें पूरी तरह तबाह होने से किसानों की आर्थिक कमर टूट गयी है. आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से त्वरित और ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में जंगली जानवरों के इस प्रकोप को रोका जा सके और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा मिल सके.
