जगन्नाथपुर.
बेतरकिया गांव की जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों के आंदोलन के बाद अब यह राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है. चार नवंबर को हुए विरोध प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने सड़क की दुर्दशा के लिए सरकार और स्थानीय विधायक सोनाराम सिंकू को जिम्मेदार ठहराया है. गुरुवार को विधायक सोनाराम सिंकू ने कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता कर स्थिति साफ की. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग पूरी तरह से उचित है. विधायक ने बताया कि यह सड़क 20 वर्षों से खराब स्थिति में है. वर्ष 2019 से पहले इसका टेंडर संवेदक उपेंद्र नाथ शर्मा को दिया गया था, पर ग्रामीणों की शिकायत के बाद घटिया काम की पुष्टि हुई. इस कारण संवेदक को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया. विधायक ने कहा कि अधूरी सड़क का दोबारा निर्माण शुरू कराने के लिए प्रक्रिया चल रही है. जल्द ही ग्रामीणों को अच्छी सड़क उपलब्ध करायी जायेगी. विधायक ने कहा कि जनता की हर मांग को धीरे-धीरे पूरा किया जा रहा है. एक साथ सभी काम करना संभव नहीं है. प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य किए जा रहे हैं.जेटेया सड़क का भी निर्माण होगा
विधायक ने बताया की जेटेया सड़क की मंजूरी पहले से मिल चुकी है. निर्माण के लिए उपयुक्त कंपनी का चयन किया जाना है. विधायक ने कहा कि घाटशिला चुनाव खत्म होते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी की जायेगी. विधायक ने स्वीकार किया कि जेटेया सड़क की हालत उनके विधायक बनने से पहले से ही खराब थी. अब इसे पूरी तरह दुरुस्त करने की योजना है. अंत में विधायक ने कहा कि वे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनेंगे. समाधान के लिए तत्पर रहेंगे. उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
