चक्रधरपुर.
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए काम रोक दिया है. उनके अनुसार काम में मानकों की अनदेखी की जा रही है. ग्रामीणों ने कहा कि जबतक कि गुणवत्ता की जांच नहीं हो जाती, काम शुरू नहीं होने दिया जायेगा. जानकारी के अनुसार चक्रधरपुर प्रखंड के उलीडीह मोड़ से चैनपुर चौक होते हुए चार मोड़ तक 13.6 किलोमीटर सड़क का निर्माण 38 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है. चाईबासा पथ निर्माण विभाग द्वारा सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. शनिवार को चैनपुर में संवेदक सत्यम शिवम सुंदरम द्वारा पीसीसी सड़क की ढलाई की जा रहा थी. सड़क ढलाई के साथ ही सड़क में दरार और गिट्टी दिखने लगी थी. इस पर ग्रामीणों ने एकजुट होकर मुखिया साहेब हेंब्रम के नेतृत्व में सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया.सड़क निर्माण में लापरवाही बरती जा रही
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से सड़क का निर्माण हो रहा है, पर गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. सड़क ढलाई के समय विभागीय अधिकारी नहीं रहते हैं. संवेदक द्वारा मनमाने ढंग से काम किया जा रहा है. पीसीसी ढलाई के बाद पानी नहीं डाला जा रहा है. इससे पूरी सड़क में धूल उड़ रही है. धूल से ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चे भी परेशान हैं. पानी नहीं डालने के कारण सड़क पर जगह-जगह दरारें पड़ गयी हैं. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान कई जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे खोदकर छोड़ दिये गये हैं. इसमें स्कूली बच्चे गिरकर घायल हो रहे हैं. सड़क निर्माण में पूरी तरह अनियमितता बरती जा रही है. ग्रामीणों ने काम को बंद करा दिया है. सड़क निर्माण में ग्रामीणों से जमीन ली गयी है. ग्रामीणों को अभी तक मुआवजा राशि नहीं दी गयी है. ग्रामीणों को जल्द से जल्द राशि उपलब्ध कराने की मांग की है. मौके पर राजू सुंडी, रवि महतो, विकेश नापिल, सुनील मोहंती, टाव बारला, मंटू मोहंती, अमित कुंभकार आदि मौजूद थे.सड़क निर्माण से 12 हजार ग्रामीणों को लाभ होगा
सड़क निर्माण होने से चार पंचायत गोपीनाथपुर, चंद्री, चैनपुर, महुलपानी के 12 हजार ग्रामीणों को लाभ मिलेगा. इसमें उलीडीह, बोडदा, चंद्री, चैनपुर, सहजोड़ा, डुमुरडीहा, लखनबादी, महुलपानी, डोंकासाई, लाउजोड़ा, गोपीनाथपुर, सनाइकुटी, चारमोड़ आदि गांव शामिल हैं.38 करोड़ रुपये की लागत से सड़क का निर्माण हो रहा है. सड़क निर्माण में संवेदक द्वारा अनियमितता बरती जा रही है, यह बर्दाश्त नहीं होगा. काफी मशक्कत के बाद सड़क का निर्माण हो रहा है. गुणवत्तापूर्वक सड़क का निर्माण हो इसके लिए हरसंभव मदद की जायेगी. जब भी सड़क की ढलाई हो, विभागीय अधिकारी मौजूद रहें, नहीं तो काम बंद रहेगा.-साहेब हेंब्रम, मुखिया, चैनपुर
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
