Chaibasa News : गोशाला में गौ पूजन के बाद गायों को नगर भ्रमण कराया

चाईबासा का ऐतिहासिक तीन दिवसीय 125वां गोपाष्टमी मेला का बुधवार से शुरू हो गया. मेले में पश्चिम बंगाल व ओडिशा से लोग पहुंचते हैं.

चाईबासा.

चाईबासा का ऐतिहासिक तीन दिवसीय 125वां गोपाष्टमी मेला का बुधवार से शुरू हो गया. मेले में पश्चिम बंगाल व ओडिशा से लोग पहुंचते हैं. बुधवार की सुबह खिरवाल धर्मशाला में गौ पूजन किया गया. इसके बाद श्री चाईबासा गोशाला कमेटी ने गायों को नगर भ्रमण कराया गया. लोगों ने दानपुण्य किया. मौके पर गौशाला कमेटी के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे.

मेले में दिखा संस्कृति और मनोरंजन का अद्भुत संगम

गोपाष्टमी मेले में स्थानीय संस्कृति और मनोरंजन का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. मेले में खाजा विशेष आकर्षण रहता है. इसके अलावा विभिन्न झूले जैसे ब्रेक डांस, टावर झूला, मिकी माउस, वाटर बोट, ड्रैगन ट्रेन, मौत का कुंआ, जांपिंग जैक बच्चों और युवाओं का ध्यान आकर्षित कर रहा है. वहीं, गुपचुप, चाट, बर्गर, मोमोस, समोसे और पारंपरिक मिठाइयां के साथ-साथ हस्तनिर्मित सामग्रियों, बांस की टोपी , कृषि यंत्र और क्रोकरी की दुकानें भी आकर्षण का केंद्र बनी है.

गोशाला मेला तुला दान जैसी पारंपरिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध

मेले में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस बल की तैनात की गयी है. मेले के हर कोने पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गयी है. गोशाला मेला तुला दान जैसी पारंपरिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है. इस आयोजन ने न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बढ़ावा दिया, बल्कि गौशाला संरक्षण और सेवा का संदेश भी देता है. ज्ञात हो कि स्वर्गीय बारसीदास पसारी द्वारा 1901 में स्थापित गोशाला राज्य में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी है.

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Author: AKASH

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