Chaibasa News : जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचायें

राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं जिला प्रशासन चाईबासा के संयुक्त तत्वावधान में कोल्हान विश्वविद्यालय के सभागार में रविवार को मेगा विधिक सशक्तीकरण शिविर का आयोजन किया गया.

चाईबासा.

राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं जिला प्रशासन चाईबासा के संयुक्त तत्वावधान में कोल्हान विश्वविद्यालय के सभागार में रविवार को मेगा विधिक सशक्तीकरण शिविर का आयोजन किया गया. समारोह में में सभी अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया गया. शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो शाकिर, विशिष्ट अतिथि उपायुक्त चंदन कुमार, एसपी अमित रेणु व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो शाकिर ने लोगों को सभी प्रकार की सरकारी योजनाओं एवं कानूनी सहायता जरूरतमंदों तक कैसे पहुंचाई जाए, इस संबंध में जानकारी दी. बताया गया कि विधिक सेवा प्राधिकरण जेल में बंद कैदियों को भी न्याय पाने का उचित अवसर उपलब्ध कराता है.

आज के दौर में लगभग हर व्यक्ति किसी न किसी संचार माध्यम से सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से संचालित सभी सुविधाओं एवं योजनाओं का लाभ और कानूनी जानकारी सभी पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध कराना प्राधिकरण की जिम्मेदारी है. उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि शिविर से प्राप्त जानकारियों को अन्य ग्रामीणों तक पहुंचाएं, ताकि वे भी योजनाओं का लाभ उठा सकें और आवश्यकतानुसार कानूनी सलाह लेकर अपने अधिकारों को प्राप्त कर सकें. उन्होंने बताया कि मोटरयान दुर्घटना वाद में केवल 10 रुपये का कोर्ट शुल्क लगता है. साथ ही यह भी कहा कि जिले के सभी प्रखंड कार्यालयों एवं थानों में पीएलवी (पैरा लीगल वॉलंटियर) प्रतिनियुक्त हैं. जिन लोगों को आवेदन लिखने में कठिनाई होती है, वे पीएलवी की सहायता से अपना आवेदन संबंधित कार्यालय में जमा कर सकते हैं. कहा कि जिन व्यक्तियों की वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम है, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करायी जाती है.

कानून किताबों तक सीमित न रहें : उपायुक्त

उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा कि जिला एवं प्रखंड स्तर पर आयोजित होने वाले विधिक सशक्तीकरण शिविर का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में लागू कानून केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि उन तक भी पहुंचें, जो न्यायालय, समाहरणालय या पुलिस मुख्यालय नहीं जा पाते. उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे नियम-कानूनों का अध्ययन कर उनका पालन सुनिश्चित करें. एसपी अमित रेणु ने कहा कि जहां पुलिस की सेवा आवश्यक होगी, वहां हर संभव सेवा उपलब्ध करायी जायेगी. स्टॉलों का किया निरीक्षण : शिविर स्थल पर 16 विभागों की ओर से लगाये गये स्टॉलों का अतिथियों ने निरीक्षण किया. इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना और गोदभराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम के लाभुकों को लाभान्वित किया गया.

लाभुकों में 80 करोड़ से अधिक की परिसंपत्तियां वितरित

शिविर में 4069 लाभुकों के बीच कुल 80,30,66,820 की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया. इसमें दिव्यांगजन को ट्राइसाइकिल, तीन लोगों को सड़क दुर्घटना मुआवजा राशि, जेएसएलपीएस अंतर्गत सामुदायिक निवेश निधि एवं फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान के तहत डेमो चेक, अबुआ आवास योजना के लाभ, ‘उन्नति का पहिया’ योजना के तहत साइकिल वितरण, खिलाड़ियों को बैडमिंटन किट, मत्स्य विभाग की ओर से आइस बॉक्स एवं तीनपहिया वाहन, कृषि विभाग की ओर से पंप सेट सहित अन्य परिसंपत्तियां वितरित की गयीं. अतिथियों का स्वागत डालसा सचिव रवि चौधरी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डीडीसी संदीप कुमार मीणा ने प्रस्तुत किया. इस मौके पर एडीजे-1 विनोद कुमार सिंह, एडीजे-2 संतोष आनंद प्रसाद, चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय के एडीजे-1 अजय कुमार सिंह, जिला बार एसोसिएशन के महासचिव अगस्तीन कुल्लू, न्यायिक पदाधिकारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे.

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Author: AKASH

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