चाईबासा : छोटे शहर से निकलकर बड़े सपने देखने वाले चाईबासा के आयुष राज ने कंबाइंड डिफेंस सर्विसेस (सीडीएस) परीक्षा में सफलता हासिल कर पूरे पश्चिमी सिंहभूम जिले का नाम रोशन किया है. सीमित संसाधनों के बीच उसने यह सफलता प्राप्त कर परचम लहरा दिया है. सीडीएस में सफलता के बाद आयुष ने देश सेवा के अपने सपने को नई ऊंचाई दी. भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में अपनी जगह बनायी. आयुष रोजाना घंटों पढ़ाई करता था. अपने सपने को साकार करने के लिए उसने दिन-रात एक कर दी थी.
आर्थिक स्थिति सामान्य, हौसला रहा मजबूत
आयुष के परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य रही है. लेकिन, माता-पिता ने उनकी पढ़ाई और सपनों के बीच संसाधनों की कमी को कभी आड़े नहीं आने दिया. उनके पिता मनोरंजन कुमार एमपीडब्ल्यू और मां रीना देवी एएनएम के पद पर कार्यरत हैं. दोनों सरकारी सेवा में रहते हुए लोगों की सेवा करते हैं. बेटे को भी बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते रहे. आयुष की सफलता की खबर मिलते ही घर और पूरे मोहल्ले में खुशी की लहर दौड़ गयी.
आंगनबाड़ी से शुरू हुई पढ़ाई, रांची तक पहुंचा सफर
पिता मनोरंजन कुमार ने बताया - आयुष की शुरुआती पढ़ाई चाईबासा के हिंद चौक स्थित आंगनबाड़ी केंद्र से हुई. इसके बाद यूकेजी से 10वीं तक की पढ़ाई संत विवेका स्कूल, गांधी टोला चाईबासा से की. 12वीं की पढ़ाई डीएवी स्कूल चाईबासा से पूरी करने के बाद उन्होंने संत जेवियर्स, रांची से बीएससी की पढ़ाई की. पिता के अनुसार, पढ़ाई के दौरान आयुष का एक ही सपना था - देश सेवा करना. संसाधनों की कमी रही, लेकिन बेटे की पढ़ाई के जुनून और लक्ष्य के सामने परिवार ने कभी हिम्मत नहीं हारने दी.
पिता-मां की सेवा देखकर देशसेवा का लिया संकल्प
आयुष राज ने कहा - उनके पिता फील्ड में लोगों की सेवा करते हैं. वहीं, मां मरीजों की देखभाल करती हैं. माता-पिता को लगातार लोगों की सेवा करते देखकर उनके मन में भी देश सेवा का संकल्प मजबूत हुआ. उन्होंने कहा - UPSC की तैयारी के दौरान कई बार मुश्किलें आयीं, लेकिन माता-पिता और शिक्षकों के आशीर्वाद से उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा. आयुष ने कहा कि अगर लगन हो तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं है.
