जमीन विवाद में चचेरे भाई, भाभी व तीन बच्चों की हत्या को लेकर चाईबासा जेल में बंद कैदी ने की आत्महत्या

Jharkhand News : चाईबासा : जमीन विवाद में चचेरा भाई, भाभी व उनके तीन बच्चों की हत्या मामले में चाईबासा जेल में बंद कैदी मुरली लागुरी (30) ने शुक्रवार को जेल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद जेल प्रशासन ने कैदी को सदर अस्पताल लाया. यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.

Jharkhand News : चाईबासा : जमीन विवाद में चचेरा भाई, भाभी व उनके तीन बच्चों की हत्या मामले में चाईबासा जेल में बंद कैदी मुरली लागुरी (30) ने शुक्रवार को जेल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद जेल प्रशासन ने कैदी को सदर अस्पताल लाया. यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद जेल में अफरा-तफरी का माहौल रहा. सभी कैदियों को उनके वार्ड में भेजा गया.

दूसरी ओर, उपायुक्त के निर्देश पर सिविल सर्जन डॉ जुझार मांझी ने शव का पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम बनायी है. इसमें डॉ खालिद अंजुम, डॉ नागेश्वर मांझी व डॉ भालेनाथ शामिल हैं. चिकित्सकों की टीम ने प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट कार्यपालक दंडाधिकारी राम नारायण ठाकुर की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का पता चलेगा.

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जेलर लव कुमार ने बताया कि कैदी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. वह साइको की तरह व्यवहार करता था. बहुत कम बोलता था. करीब ढाई-तीन साल से जेल में था. गुरुवार को वह जेल के एक सिपाही से उलझ गया था. सिपाही से गाली-गलौज व हाथापाई की थी. शुक्रवार की दोपहर करीब 2 बजे मुरली ने जेल के वार्ड स्थित द्वितीय तल्ला से अचानक छलांग लगा दी.

चाईबासा के टोंटो थाना क्षेत्र के जमडीह गांव के मड़कमपी टोला में जमीन विवाद को लेकर 2 जनवरी, 2020 को आधी रात में मुरली लागुरी ने चचेरे भाई दशमा लागुरी (38) और भाभी गोनो लागुरी (40) की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी. तीन बच्चों जानो गुरी (9), रूप सिंह लागुरी (6) व किरण लागुरी (3) को घायल कर दिया था. बाद में उनकी मौत हो गयी थी. ग्रामीणों ने अरोपी को उम्रकैद की सजा देने की मांग की थी.

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लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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