चाईबासा सीमेंट वर्क्स में डेढ़ माह से बंदी, 1500 मजदूरों के भविष्य पर संकट
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उत्पादन और डिस्पैच ठप होने से झींकपानी में पूर्ण बंदी की आशंका
झींकपानी.
एसीसी/अडानी समूह के चाईबासा सीमेंट वर्क्स में पिछले डेढ़ महीने से जारी गतिरोध के कारण कारखाने में स्थायी तालाबंदी की आशंका गहरा गयी है. प्रबंधन ने विगत 30 अप्रैल से उत्पादन ठप कर दिया. वहीं, 13 मई से सीमेंट का डिस्पैच भी पूरी तरह बंद है. इस अप्रत्याशित शटडाउन का सीधा असर प्लांट के 1500 मजदूरों पर पड़ा है, जबकि ट्रांसपोर्टिंग और स्थानीय व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. लंबे समय से प्लांट बंद होने के कारण स्थानीय लोगों को बच्चों की शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के छिन जाने का डर सताने लगा है. गत 31 मई को चाईबासा समाहरणालय में जिला प्रशासन, प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता बेनतीजा रही थी. हालांकि वार्ता के बाद ठेका श्रमिकों को 15 दिनों का अस्थायी काम दिया जा रहा है, लेकिन क्षेत्र के लोग इसे नाकाफी मानते हुए प्लांट को पूरी तरह सुचारू करने की मांग कर रहे हैं. इस गंभीर संकट के बीच स्थानीय जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता को लेकर जनता में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. झींकपानी और आसपास के ग्रामीणों व कारोबारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. क्षेत्र को आर्थिक तबाही से बचाने के लिए एक बड़े जन-आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गयी है.
अतुल पाठक ने दून ग्लोबल यूनिवर्सिटी, देहरादून से मास्टर डिग्री पूरी की है. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब तीन वर्षों का अनुभव है. पिछले दो वर्षों से वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और कोल्हान क्षेत्र की खबरों को कवर कर रहे हैं. इससे पहले इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के साथ काम करने का अनुभव है. स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है. पत्रकारिता के अलावा उन्हें क्रिकेट में विशेष रुचि है.