प्रतिनिधि, चाईबासा
सदर प्रखंड के सिंहपोखरिया गांव में सोमवार को मौजा मुंडा दीपू सिंह सावै़यां की अध्यक्षता में बैठक हुई. इसमें चाईबासा-बाइपास सड़क (एनएच 75 ई) निर्माण परियोजना रद्द होने की समाचार से 16 गांव के ग्रामीणों में खुशी है. ग्रामीणों ने सड़क निर्माण का विरोध करने वाले सामाजिक व गैर राजनीतिक संगठनों को अंगवस्त्र, पेन डायरी और फूल देकर सम्मानित किया. ग्रामीणों ने कहा कि अपनी उपजाऊ सिंचित कृषि भूमि नहीं देना चाहते थे. सड़क निर्माण कार्य होने से सभी गांव के किसानों का भूमि सिर्फ खेती प्रभावित नहीं होता, बल्कि आदिवासियों की संस्कृति, दस्तूर और रिवाज भी विकृत हो जाता. खूंटकट्टी रैयत रक्षा समिति के अध्यक्ष बलभद्र सवैया, खूंटकट्टी रैयत रक्षा समिति सचिव केदारनाथ कालुंडिया, कोषाध्यक्ष रामेश्वर सवैया के अलावा झारखंड पुनरुत्थान अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकु, केंद्रीय महासचिव अमृत माझी सहित अन्य को भी लगातार संघर्ष का नेतृत्व प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया. इस मौके पर ऊषा रानी सवैंया, सरस्वती सवैया, सिंहभुई सवैया, सुमित्रा सवैंया, लक्ष्मी सवैंया, गुरुबारी सवैंया, सुलेखा सवैंया, गंगाराम सवैंया, सुरेश सवैंया, गुरुचरण गोप, रंजीत सवैंंया, डोली कालुंडिया, नीली सवै़ंया, सोमवारी सवै़या, जोंगा कुई, जानकी कुई, गोरबारी सवैंया, बांगो गोप, महती सवैंया, श्याम कालुंदिया, लक्ष्मण बिरुआ, चिंता कालुंडया, रामचंद्र सवैंया, पासिंह सवैंया, जामदार बिरूआ, मुरूम सवैंया, अभिषेक कालुंडिया, साधो कालुंडिया, श्यामलाल सवैंया, नीतिमा सवैंया, प्रताप सिंह सवैंया, जयनाथ सवैंया, सोना सतारी सवैया, कैरा सवैंया, जीवन सवैंया, लक्ष्मण सवैंया, बेनेंकल सवैंया, प्रेमराज सवैंया, श्याम गोप, रामचंद्र कालुंडिया, चंदू बानरा, मनीषा सवैंया आदि उपस्थित थे.
