चाईबासा : आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के बैनर तले सदर अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय के समक्ष मंगलवार को प्रदर्शन किया. प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जॉन मिरन मुंडा ने कहा - 26 साल के झारखंड राज्य में कोई विकास नहीं हुआ. आंदोलन और राजनीति के नाम पर सिर्फ निजी लाभ लिया गया है. टाटा रूंगटा कंपनी से उग्रवादियों ने लेवी लिया तो रणनीतिक पार्टियों ने पार्टी चंदा और सत्ता का सुख, लेकिन किसान मजदूर और आदिवासी आज भी भूख और गरीबी से जीने को मजबूर हैं.
विकास के नाम पर केवल 5 किलो अनाज और धोती-साड़ी ही मिला
विकास के नाम पर 5 किलो अनाज और धोती-साड़ी ही मिला. राज्य में शिक्षित युवाओं की नौकरी बिहार और यूपी के नौजवानों के हाथों बेची जा रही है. हमारी पार्टी मजदूर किसान के मुद्दों पर राजनीति करती है. वर्तमान में झामुमो की सरकार में किसानों का खाद ब्लैक मार्केट में बेचा जा रहा है. धरना को जगन्नाथपुर के जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया, चुंबरू पिंगुवा, सुनील गागराई, सरायकेला-खरसावां के जिला अध्यक्ष , सुनील लागूरी, माटा कारवा आदि शामिल थे. धरना के बाद प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओ को मांग पत्र सौंपा.
